बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई बागेश्वर ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को संबोधित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से भेजा। शिक्षकों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने तथा अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी की बाध्यता से छूट दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव को देखते हुए उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
शिक्षकों ने अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की। उनका कहना है कि नई पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
संघ के अध्यक्ष हीरा सिंह रौतेला, कोषाध्यक्ष विवेक पांडे और मंत्री मनोज सिंह ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को न्याय मिलने पर वे पहले की तरह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
प्रदर्शन में मदन मोहन जोशी, हरीश उपाध्याय, मनोज पांडेय, कमलेश उपाध्याय, चंद्र प्रकाश, किशोर जोशी, कृष्ण पांडेय, गणेश पांडे, नवीन पंत, सोहन पंत और गोखुल गड़िया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।








