बागेश्वर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरखंड के मूल अस्तित्व को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। सरकारी भूमि से कब्जा हटाने का काम चल रहा है। अभी तक दस हजार हेक्टेयर भूमि खाली कर दी है। आने वाली पीढ़ी को असुरक्षित उत्तराखंड नहीं सुरक्षित प्रदेश देने का काम सरकार कर रही है। इसी क्रम में पूरे प्रदेश में सत्यापन का काम चल रहा है। सत्यापन के बाद वे लोग खुद ही प्रदेश से बाहर हो जाएंगे जो खुसपैठ के तहत यहां रह रहे हैं। कलक्ट्रेट में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जे को खाली नहीं कराया। उनकी सरकार इस काम को संकल्प के साथ कर रही है। धार्मिक ढांचा बनाकर जमीनों पर कब्जा किया गया है। अब किराया बढ़ाकर घुसपैठ कर रहे हैं। ऐसे लोगों को संरक्षण देने वालों पर भी सरकार की नजर है। उन्हें भी नहीं बख्सा जाएगा। वोटर लिस्ट की गड़बड़ी को दूर किया जा रहा है। अपराधिक इतिहास वाले लोगों के अलावा घुसपैठियों के भी नाम वोटर लिस्ट में चढ़े हुए हैं। देवभूमि को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश में इन दिनों आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली कनेक्शनों की जांच हो रही है। जांच में कई ऐसे लोग बाहर होंगे जो जबरन यहां रह रहे हैं। हम आने वाली पीढ़ी को असुरक्षित नहीं सुरक्षित राज्य देंगे। उन्होंने कहा कि वह दो दिन बागेश्वर जिले में रहेंगे। संगठन एसोसिएशन समाज में जनता और सरकाार के बीच सेतु का काम करते हैं। इनमें प्रगतीशील किसान, स्वराजेार के क्षेत्र में सफल कहानी गढ़ चुके लोग भी शामिल हैं। व्यापारी, नौनीहालों से भी वे मिले हैं। यहां पिंडारी गलेशियर है। कौसानी पर्यटन स्थल है। बागनाथ और बैजनाथ की भूमि है। सरयू तट है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसपर आने वाले समय में काम किया जाएगा।








