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दुर्गम क्षेत्र के छात्र–छात्राओं में जगा विज्ञान का नया उत्साह

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बागेश्वर : राजकीय इंटर कॉलेज कर्मी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर के तत्वाधान में संचालित चार दिवसीय विज्ञान कार्यशाला का विज्ञान मेले के साथ सफल समापन हुआ। विज्ञान मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय कपकोट के सहायक प्राध्यापक श्री दीपक कुमार, विद्यालय प्रधानाचार्य श्री गणेश सिंह, विज्ञान कार्यक्रम समन्वयक डॉ भुवन चन्द्र, एसएमसी अध्यक्ष एवं स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप द्वारा किया गया।
श्री दीपक कुमार ने कहा कि विज्ञान कार्यशाला ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, जिज्ञासा, नवाचार एवं प्रायोगिक अधिगम के नए अवसर खोले। छात्रों ने बेकार सामग्री से विज्ञान के बहुत सुन्दर विज्ञान मॉडलों का निर्माण किया है। निश्चित ही यह कार्यशाला छात्रों को वैज्ञानिक संबोध समझने एवं विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करेगी। अभिभावक और समुदाय के लोग दुर्गम क्षेत्रों से पैदल विद्यालय पहुंचे और बच्चों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान मॉडल का अवलोकन किया।

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उन्होंने कहा कि कर्मी जैसे दूरस्थ विद्यालय में विज्ञान आधारित गतिविधियाँ आयोजित होना बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। यह कार्यशाला बच्चों में नई सोच और वैज्ञानिक उत्सुकता पैदा करती है। लंबी पैदल दूरी, सीमित संसाधन एवं तकनीकी सुविधाओं की कमी—को ध्यान में रखते हुए DIET बागेश्वर द्वारा आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक साबित हुई। स्थानीय समुदाय ने भी इस शैक्षणिक पहल को एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में सराहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गणेश सिंह ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर का आभार व्यक्त करते कहा कि दुर्गम क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को एक नया आत्मविश्वास देती हैं। यह कार्यशाला बच्चों को विज्ञान को जीवन से जोड़ने और उसके व्यवहारिक प्रयोग समझने में अत्यंत सहायक रही।
विज्ञान कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भुवन चंद्र ने बताया कि रा इ का कर्मी में पिछले चार दिनों से विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें पहले तीन दिन छात्रों ने विज्ञान मॉडल का निर्माण किया एवं आज विज्ञान मेले में अन्य विद्यालयों से आए छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों के सामने प्रस्तुत किया। तीन दिनों में विद्यार्थियों ने अपने आस-पास उपलब्ध निष्प्रयोज्य वस्तुओं, टूटे-फूटे सामान, प्लास्टिक बोतलें, लकड़ी, कागज और कबाड़ सामग्री का उपयोग कर 40 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल विद्युत मोटर, जनरेटर,आंख और फेफड़ों की कार्यप्रणाली, प्रकाश का अपवर्तन–परावर्तन, दाब, न्यूटन के नियमों आदि तैयार किए, जिसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय कर्मी एवं रा इ का कर्मी के 90 से अधिक छात्रों ने विज्ञान कार्यशाला में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने न केवल मॉडल का प्रदर्शन किया बल्कि वैज्ञानिक सिद्धांत, कार्यविधि एवं व्यवहारिक उपयोग भी प्रभावी रूप से समझाया। बाल विज्ञान खोजशाला से आए संदर्भदाताओं श्री आशुतोष उपाध्याय ने विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को सरल और रोचक तरीके से समझाया।
उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रयोगशाला की चारदीवारी तक सीमित नहीं है; पहाड़, खेत, जंगल और घर—सब वैज्ञानिक सीख के सशक्त माध्यम हैं। कार्यशाला के सफल संचालन में एसएमसी अध्यक्ष नंदिनी ने DIET बागेश्वर का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला हमारे इलाके के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर है। यहां के बच्चे सीमित संसाधनों में भी बड़ी क्षमता रखते हैं, बस सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता है। DIET बागेश्वर से डॉ. सी एम जोशी, संदर्भदाता विनोद उप्रेती एवं विद्यालय के शिक्षकों मुकेश शर्मा, ख्याली जोशी, चम्पा, नीमा कपकोटी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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