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बागेश्वर में दुग्ध उत्पादन 1640 से बढ़कर 2200 लीटर प्रतिदिन

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बागेश्वर
जनपद बागेश्वर में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। डेयरी क्षेत्र में किए गए सुनियोजित प्रयासों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप पिछले कुछ महीनों में दूध उत्पादन में प्रभावशाली वृद्धि देखने को मिली है।

डेयरी विभाग के अनुसार दिसंबर माह से अब तक जनपद का दैनिक दुग्ध उत्पादन 1640 लीटर से बढ़कर 2200 लीटर तक पहुँच गया है। यह उपलब्धि न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ा रही है।

दुग्ध समितियों और संग्रहण केंद्रों के विस्तार ने इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूर्व में जहाँ जनपद में 72 दुग्ध समितियां एवं संग्रहण केंद्र सक्रिय थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 90 हो गई है। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी आधारित आजीविका को बढ़ावा मिला है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि के साथ ही स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर भी विकसित हो रहे हैं।

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इस पहल ने महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है। वर्तमान में लगभग 950 महिलाएं दुग्ध समितियों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर डेयरी गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका संचालित कर रही हैं। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, बल्कि समितियों के संचालन और प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।

सहायक निदेशक दुग्ध अनुराग मिश्रा ने बताया कि उत्पादन में हुई इस वृद्धि का श्रेय पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक सुविधाओं और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को जाता है। दुग्ध उत्पादकों को उच्च गुणवत्ता वाला पशुआहार एवं हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पशु चिकित्सकों द्वारा नियमित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। पशुओं के बेहतर पोषण के लिए कैल्शियम एवं मिनरल मिक्सचर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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दुग्ध उत्पादकों, विशेषकर महिलाओं को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा स्वच्छ दुग्ध उत्पादन गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें स्वच्छता के मानकों की जानकारी देने के साथ विशेष किट भी वितरित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त समय-समय पर आयोजित चिकित्सा शिविरों और पशु प्रदर्शनियों के माध्यम से पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले दुग्ध उत्पादकों को विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

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आगामी अप्रैल 2026 के अंत तक दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत उन्नत नस्ल के दुधारु पशुओं का वितरण योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसके तहत 2-पशु यूनिट की 12 इकाइयाँ तथा जनपद में पहली बार 3-पशु यूनिट की 4 इकाइयाँ स्थापित कर कुल 16 दुग्ध उत्पादकों को लाभान्वित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को प्रगतिशील बनाना एवं जनपद में निर्धारित दुग्ध उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बागेश्वर में डेयरी क्षेत्र तेजी से ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है।

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