कपकोट। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रही बयानबाजी ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मामले को लेकर एनएसयूआई ने मोर्चा खोलते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने रविवार को कलेक्ट्रेट गेट के पास प्रदेश सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया।
रविवार को एनएसयूआई कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट गेट के पास एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि एक ओर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की शिकायत और दूसरी ओर गिरधारी लाल साहू की ओर से 210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोप गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना सरकार की जिम्मेदारी है। यह केवल दो व्यक्तियों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि प्रदेश सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता से भी जुड़ा मामला है। उन्होंने कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और आरोपों की सत्यता सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष कमलेश गढ़िया, प्रेम सिंह, सागर तिरुवा, सुमित तिरुवा, राजू गढ़िया, कमलेश कपकोटी और हरीश गढ़िया सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







