बागेश्वर। साइबर अपराधों और बाल अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बागेश्वर पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज खाती और वनलेख में जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के प्रति सतर्क करते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, अज्ञात व्यक्तियों के साथ निजी जानकारी साझा करने और संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचना चाहिए। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर पैसे मांगने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई।
अभियान के दौरान बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री को डाउनलोड करना, संग्रहित करना या साझा करना गंभीर कानूनी परिणामों का कारण बन सकता है। विद्यार्थियों को ऐसी किसी भी संदिग्ध सामग्री से दूर रहने और इसकी जानकारी जिम्मेदार वयस्कों या पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा खेलकूद, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। साथ ही उन्हें किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी मिलने पर बिना डर के संबंधित अधिकारियों को सूचित करने के लिए जागरूक किया गया।
पुलिस ने बताए जरूरी हेल्पलाइन नंबर
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को विभिन्न सहायता सेवाओं के नंबरों की जानकारी दी। साइबर ठगी की शिकायत के लिए 1930, नशे की तस्करी से संबंधित सूचना के लिए 1933, बाल सहायता के लिए 1098 और आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से साइबर अपराधों को रोकने तथा बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।







