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लाहुर घाटी के हड़बाढ़ गांव में धंस रही ज़मीन,मकान-सड़कें खतरे में,पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण बोले पीड़ितों को तत्काल करे विस्थापित

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बागेश्वर।
लाहुर घाटी की ग्राम सभा हड़बाढ़ में भू-धंसाव से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ज़मीन धंसने से मकान खतरे की जद में आ चुके हैं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पंचायत घर और स्कूल भवन में शरण लेनी पड़ रही है, लेकिन अफ़सोस यह है कि ये भवन भी खतरे की जद में ही स्थित हैं।

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रविवार को पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने हड़बाढ़ पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात की और उनके हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोग जान हथेली पर रखकर रहने को मजबूर हैं, यह बेहद दुःखद है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों का शीघ्र विस्थापन किया जाए और राहत सामग्री व मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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फर्स्वाण ने कहा कि सबसे पीड़ादायक पहलू यह है कि अभी तक क्षेत्रीय विधायक मौके पर नहीं पहुंचे हैं। “यह समय राजनीति का नहीं, पीड़ितों के बीच खड़े होने का है। सरकार को संवेदनशीलता दिखानी होगी, वरना हालात और गंभीर हो जाएंगे।”

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इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश हरड़िया, पूर्व क्षेत्र पंचायत भूपाल गढ़िया और कुंदन गोस्वामी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता।

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