कपकोट। ग्राम सभा बघर के वरीना तोक में भूस्खलन के खतरे ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के बीच कई परिवारों के आवासीय मकानों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के किलोमीटर 6-7 में नाली बंद होने से बरसाती पानी की निकासी बाधित है। पानी सड़क के आसपास जमा होने के कारण जमीन लगातार प्रभावित हो रही है और मकानों के ऊपर भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है।
भूस्खलन से प्रभावित परिवारों में होशियार सिंह, सुंदर सिंह, हरीश बघरी, नंदन सिंह, मेहरबान सिंह, गोविंद सिंह और हिमांशु बघरी शामिल हैं। इसके अलावा आपदा के कारण क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश ऐठानी ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन और शासन से प्रभावित परिवारों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल राहत एवं बचाव के इंतजाम करने की मांग की।
उन्होंने पीएमजीएसवाई के किलोमीटर 6-7 में बंद नाली को तत्काल खुलवाने, बरसाती पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने और क्षतिग्रस्त सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार किए बिना तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इस दौरान पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गोविन्द बिष्ट, पूर्व सरपंच लक्ष्मण सिंह, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश सिंह बघरी, मोहन सिंह, पवन सिंह, पूर्व सैनिक खीम सिंह, पूर्व सैनिक कुंजर सिंह, ललित सिंह, दिनेश राम, विजय राम सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।








