logo

सोलहवीं वैज्ञानिक सलाहाकार समिति की बैठक में किसानों को उन्नत बीज व कृषि की नई तकनीक दी जानकारी

खबर शेयर करें -

बागेश्वर काफलीगैर : कृषि विज्ञान केन्द्र,काफलीगैर में सोलहवीं वैज्ञानिक सलाहाकार समिति की बैठक में किसानों को उन्नत बीज व कृषि की नई तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। निदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र,विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि किसान संस्थान द्वारा विकसित उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपना उत्पादन एवं आय बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा जंगली जानवरों के नुकसान को फसल बीमा योजना में शामिल कर लिया गया है। जिससे उनके नुकसान की भरपाई हो सके। उन्होंने संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत अंगीकृत गांव उडेरखानी एवं लोब के कृषकों के कार्यों की सराहना की। परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए उनके सुझाव भी लिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. एनके. हेडाऊ विभागध्यक्ष, फसल सुधार भाकृअनुप अल्मोड़ा ने कहा कि नव-तकनीको के अनुकरणीय परीक्षण किए जाएं, तांकि कृषकों को अधिक लाभ हो सके। उन्होंने कृषको से सब्जियों की नर्सरी द्वारा आय बढ़ाने की सलाह दी। मुख्य अतिथि मुख्य कृषि अधिकारी राजेन्द्र उप्रेती ने कहा की जिले में कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वय से कृषकों को उन्नत तकनीकों को बेहतर तरीके से पहुंचाया जा रहा है। उप-मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज जोशी उन्नत नस्ल बकरी पालन द्वारा किसानो की आयवर्धन की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर के अध्यक्ष डा. राजकुमार ने कृषि विज्ञान केन्द्र के विगत वर्ष 2024-25 के क्रियाकलापो एवं वर्तमान 2025-26 की प्रस्तावित कार्य योजना का विवरण दिया। लुधियाना की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रीति ममगाई ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी। कार्यकम में नोडल अधिकारी अनुसूचित जाति उपयोजना डॉ. गौरव वर्मा, उपपरियोजना निदेशक आत्मा धीरज बिष्ट, कृषि विज्ञान केंद्रके विशेषज्ञ डॉ. नवल किशोर सिंह, हरीश जोशी, डॉ. अमित कुमार, नीरज जोशी सहित 60 से अधिक लोगो ने प्रतिभाग किया।

Share on whatsapp