logo

बिलौना में कटवॉर्म कीट ने फसलों को पहुँचाया नुकसान,कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किया खेतो का निरीक्षण।

खबर शेयर करें -

बिलौना क्षेत्र में फसलों पर कटवा कीट के फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना के बाद कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर के वैज्ञानिकों ने खेतों का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने प्रभावित किसानों को कीट से बचाव के उपाय बताए।

बिलौना में कटवा कीट फसलों को चौपट कर रहा था। परेशान किसानों की शिकायत के बाद कृषि विज्ञान केंद्र के पादप सुरक्षा विशेषज्ञ हरीश चंद्र जोशी ने निरीक्षण किया। उन्होंने कीट की पहचान कटुवा कीट (कटवॉर्म) के रूप में की। जिसका वैज्ञानिक नाम एग्रोटिस स्पीसीज है। यह एक प्रकार के बड़े पतंगे मोथ का लार्वा रूप होता है।

यह भी पढ़ें 👉  औद्योगिक निवेश को गति देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर, जनपद में आयोजित होगा बायर-सेलर मीट

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. कमल कुमार पांडेय ने बताया कि कटवा कीट फसलों को तेजी से नष्ट करता है। इससे बचाव के लिए फरर्टिरा 0.4 जीआर (क्लोरेनट्रेनीलिजोल) रसायन के 250 ग्राम को रबर के दस्ताने और मास्क पहनकर खेतों में बुरकाव किया जाता है। हालांकि बुरकाव के बाद उस खेत से चारा और सरसों की फसल प्रभ‌ावित होगी। जिसे जानवरों को देना नुकसानदायक होता है। उन्होंने बताया कि इस रसायन की जानकारी जिले के काश्तकार, कीटनाशक विक्रेताओं, कृषि विभाग और पौध सुरक्षा अधिकारी से सांझा की जा रही है। ताकि अन्य स्थानों पर कीट लगने पर तत्काल किसान इसका बचाव कर सके।

यह भी पढ़ें 👉  रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण के विरोध में कपकोट में कांग्रेस ने थानाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

वही कृषि अधिकारी एस एस वर्मा ने बताया कि जैसे ही उनके पास ये जानकारी आयी उन्होंने तुरंत विभागीय कर्मचारियों को क्षेत्र मे भेजा और उसकी जांच के लिए और उसके ट्रीटमेंट के लिए किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गयी है। किट से बाकी फसलों को नुकसान नही हो इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  रक्षाबंधन को लेकर गरुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष निरीक्षण अभियान
ADVERTISEMENTS Ad Ad
Share on whatsapp