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खनन वाहनों की जब्ती पर हाईकोर्ट सख्त, 48 ट्रक छोड़ने के आदेश

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बागेश्वर। जिले में खनन रोक के बीच सीज किए गए 48 वाहनों को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब्ती की प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं अपनाई गई, इसलिए वाहनों को नियमानुसार उनके स्वामियों को सौंपा जाए।
मामला कपकोट क्षेत्र से जुड़ा है, जहां खड़िया खनन पर रोक के बावजूद परिवहन की शिकायतों के बाद पुलिस ने मार्च में कार्रवाई की थी। जांच के दौरान 48 वाहन जब्त कर थानों में खड़े कर दिए गए। वाहन स्वामियों ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई में अदालत ने पाया कि जब्ती के दौरान आवश्यक वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी वाहन को लंबे समय तक थाने में खड़ा रखना उचित नहीं है, खासकर तब जब उसके मालिक की आजीविका उसी पर निर्भर हो।
पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब्त संपत्ति के रखरखाव और सुपुर्दगी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं, जिनका पालन करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेशों को निरस्त करते हुए सक्षम अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी 48 वाहनों को निर्धारित शर्तों के साथ रिहा किया जाए।
इस फैसले से जिले में खनन कार्रवाई और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नई बहस छिड़ गई है। वाहन स्वामियों ने इसे राहतभरा निर्णय बताया, जबकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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