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– विज्ञान मॉडल, प्रश्नोत्तरी, नाटक और कविता के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचार और वैज्ञानिक सोच के विविध आयाम
पर्वतीय क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित पंचम सीमांत राज्यस्तरीय पर्वतीय विज्ञान महोत्सव का समापन हो गया। महोत्सव में विभिन्न जनपदों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने विज्ञान मॉडल, वैज्ञानिक प्रश्नोत्तरी, नाटक और कविता सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक समझ और नवाचार के माध्यम से प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
महोत्सव के दौरान वैज्ञानिक कविता हिंदी एवं अंग्रेजी, वैज्ञानिक मॉडल, वैज्ञानिक क्विज और वैज्ञानिक नाटक प्रतियोगिताओं के जूनियर तथा सीनियर वर्गों में प्रतिभागियों के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिला। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और विद्यालयों ने प्रथम स्थान हासिल किया।
ये रहे विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता
वैज्ञानिक कविता हिंदी के जूनियर वर्ग में चंपावत की श्रेया पांडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में पिथौरागढ़ की निशा भट्ट प्रथम रहीं।
वैज्ञानिक कविता अंग्रेजी के जूनियर वर्ग में चंपावत की चंद्रशी राय ने बाजी मारी, वहीं सीनियर वर्ग में पिथौरागढ़ के धीरेंद्र कन्याल प्रथम स्थान पर रहे।
वैज्ञानिक मॉडल प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में पिथौरागढ़ की पावनी धामी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में चंपावत के सचिन कुमार ने पहला स्थान हासिल किया।
वैज्ञानिक क्विज प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में राजकीय इंटर कॉलेज गौणा, चमोली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर ने प्रथम स्थान हासिल किया।
वैज्ञानिक नाटक प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंतक्वेरली, बागेश्वर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, सीनियर वर्ग में उदयन इंटरनेशनल स्कूल, चंपावत ने प्रथम स्थान हासिल किया।
महोत्सव में विद्यार्थियों ने अपने मॉडल, कविताओं और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विज्ञान की उपयोगिता, समस्याओं के समाधान में वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा नई संभावनाओं को रेखांकित किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही दूसरे प्रतिभागियों के विचारों और नवाचारों से सीखने का अवसर भी प्रदान किया। डॉ. दुर्गेश पंत, महानिदेशक यूकॉस्ट ने कहा कीवविद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा और रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है। उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। पर्वतीय विज्ञान महोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नए विचारों को साझा करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमारा प्रयास है कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थी इसे अपने दैनिक जीवन और स्थानीय समस्याओं के समाधान से भी जोड़ें। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नवीन जोशी, डॉ मनमोहन रावत, बृजेश आगरी,दीप चंद्र जोशी,संगम साह,मधुसूदन जोशी,राजीव निगम आदि मौजूद रहे।







