बागेश्वर : केदारेश्वर मैदान, कपकोट, जनपद बागेश्वर, उत्तराखंड में आयोजित पैराग्लाइडिंग एक्युरेसी चैंपियनशिप का समापन भव्य, सुव्यवस्थित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि आईटीबीपी के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट हीरा राम आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि साहसिक खेल युवाओं के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
अपने वक्तव्य में उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक अनुभवी पर्वतारोही हैं तथा उन्हें दो बार माउंट एवरेस्ट फतह करने के साथ-साथ दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण का अवसर प्राप्त हुआ है। पर्वतारोहण एवं साहसिक अभियानों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार सहित अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय साहस सम्मानों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में अपने अनुभव साझा करना क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित करता है और विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है।
उन्होंने कपकोट क्षेत्र एवं जनपद बागेश्वर में शासकीय पर्यटन की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहाँ ट्रैकिंग, माउंटेनियरिंग, एक्सपेडिशन, हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग एवं व्हाइट वॉटर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि सीमावर्ती जनपदों को जोड़ने वाले ट्रैकिंग रूट्स में नई गतिविधियाँ जोड़ी जाएँ, उपयुक्त स्थलों पर कैंपिंग ग्राउंड विकसित किए जाएँ तथा सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ किया जाए।
उन्होंने पिंडारी ग्लेशियर, काफनी एवं सुंदरढुंगा जैसे रमणीय स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन और साहसिक पर्यटन एक साथ विकसित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटन सीजन के दौरान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के अतिरिक्त नए विकल्प उपलब्ध होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अपनी जन्मभूमि कपकोट तहसील से जुड़ाव व्यक्त करते हुए वक्ता ने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में लगभग 40 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अनेक आपदा राहत एवं बचाव अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी सरकार एवं प्रशासन को जब भी उनके अनुभव और सहयोग की आवश्यकता होगी, वे क्षेत्र के विकास हेतु सदैव तत्पर रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, आयोजन समिति, जनप्रतिनिधियों एवं सभी गणमान्य अतिथियों को बधाई दी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। साथ ही स्थानीय जनता से आह्वान किया कि वे साहसिक पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित करें और क्षेत्र के समग्र विकास में सहभागी बनें।








