बागेश्वर: जिले में शाम के बाद अचानक मौसम ने करवट बदल ली। कांडा-कमस्यार घाटी में जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं की तैयार फसल और साग-भाजी को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं अन्य क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कांडा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कमस्यार घाटी में हुई इस अचानक ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज ओलों की मार से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जबकि साग-भाजी की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कुछ ही मिनटों में खेत सफेद ओलों से पट गए और फसलें जमीन पर गिर गईं। स्थानीय किसानों—प्रेम सिंह, चंदन सिंह, मनोज कुमार और पार्वती देवी—का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र के कई परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं, ऐसे में फसल बर्बाद होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द क्षेत्र का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस नुकसान से राहत मिल सके।








