बागेश्वर (गरुड़): नशामुक्त समाज और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक सशक्त पहल के तहत राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय सिरकोट द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज सिरकोट ब्लॉक गरुड़ में नशा मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमलता गोस्वामी के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम द्वारा कुल 303 विद्यार्थियों व आमजन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान हीमोग्लोबिन की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क औषधियों का वितरण सुनिश्चित किया गया। कार्यक्रम के दौरान योग अनुदेशक मुकेश चन्द्र ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को योगाभ्यास कराया और मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन तथा नशे से दूर रहने में योग की भूमिका को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बच्चों को नियमित योग को दिनचर्या में शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमलता गोस्वामी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए संतुलित जीवनशैली, उचित खानपान और नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पढ़ाई, परिवारिक माहौल और भविष्य पर भी गंभीर नकारात्मक असर डालता है, इसलिए इससे दूरी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। जागरूकता सत्र को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए लॉजिकल प्रश्नोत्तरी, स्थिति-आधारित चर्चा, रोल प्ले और नारा लेखन जैसी इंटरएक्टिव गतिविधियाँ कराई गईं। इन गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे से दूर रहने के व्यावहारिक तरीकों को समझा। बच्चों को ना कहना सीखें विषय पर विशेष अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे गलत संगत और दबाव से बच सकें। सत्र के अंत में विद्यार्थियों की एक नशा मुक्ति समिति का गठन किया गया, जो विद्यालय स्तर पर जागरूकता फैलाने और साथियों को नशे से दूर रखने के लिए आगे कार्य करेगी। कार्यक्रम में उत्तराखंड में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे जुड़े चिंताजनक आंकड़ों पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे विद्यार्थियों में विषय को लेकर गंभीरता दिखाई दी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पूरन बिष्ट, सीएचओ नेहा बंगारी, एएनएम नीलम सती, सीएचओ मंजू, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार और बहुउद्देशीय कर्मी हरीश चंद्र सिंह भी मौजूद रहे।








