बागेश्वर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए औषधि प्रशासन विभाग ने गरुड़ एवं बैजनाथ क्षेत्र में सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई मेडिकल स्टोरों की जांच की गई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की।
अपर आयुक्त औषधि प्रशासन, उत्तराखंड देहरादून एवं जिला अधिकारी बागेश्वर के निर्देशों के क्रम में औषधि निरीक्षक पूजा रानी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। निरीक्षण टीम में पुलिस प्रशासन भी शामिल रहा। जांच के दौरान औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत लाइसेंस शर्तों के अनुपालन, दवाओं के वैज्ञानिक भंडारण, एमटीपी किट एवं नारकोटिक/साइकोट्रोपिक दवाओं की वैध पर्चे पर बिक्री, तथा अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण में दो मेडिकल स्टोरों में गंभीर खामियां पाई गईं। इनमें बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति में दवाओं की बिक्री, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का सत्यापन न होना, क्रय-विक्रय अभिलेखों का मौके पर प्रस्तुत न किया जाना, दवाओं का निर्धारित तापमान पर भंडारण न करना तथा साफ-सफाई की कमी जैसी अनियमितताएं शामिल रहीं। इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों पर तत्काल प्रभाव से दवाओं के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित फर्म संचालकों द्वारा संतोषजनक स्पष्टीकरण और नियमों का अनुपालन प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो उनके लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दोहराया कि औषधियों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में निर्धारित वैज्ञानिक एवं कानूनी मानकों का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








