चम्पावत। जनपद चम्पावत स्थित ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान एसडीआरएफ उत्तराखंड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। उफनती नदी के बीच फंसे 50 से अधिक श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। घटना के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, लगातार बदलते मौसम और संभावित आपदा जोखिमों को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को पहले से ही मेला क्षेत्र में तैनात किया गया था। यह अग्रिम तैनाती आपात स्थिति में बेहद कारगर साबित हुई।
रविवार को लदिया और रतिया नदियों के संगम क्षेत्र स्थित कुंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आवागमन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते करीब 50 से 60 श्रद्धालु नदी के बीच फंस गए। तेज बहाव के चलते नदी किनारे खड़े कई वाहन भी पानी में फंस गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेले में तैनात एसडीआरएफ टीम ने उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और तेज बहाव के बावजूद टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी पार कराया। साथ ही पानी में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ओर बैरियर लगाकर आवाजाही नियंत्रित की और अन्य श्रद्धालुओं को नदी क्षेत्र में जाने से रोका। एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए की गई अग्रिम तैनाती का उद्देश्य ही आपदा के समय तुरंत और प्रभावी राहत सुनिश्चित करना था। उन्होंने प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी एसडीआरएफ इकाइयों को उच्च सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।








