बागेश्वर: पोखरी गांव में उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ का विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से केंद्रीय पदाधिकारी, जिला अध्यक्षों और विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में संगठनात्मक मजबूती, पहाड़ों के आर्थिक विकास, पलायन रोकने और उत्तराखंड के भविष्य को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए एग्रो फॉरेस्ट्री को पहाड़ों की भविष्य की आर्थिक रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि गांव-गांव तक एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। साथ ही मजबूत मंडी व्यवस्था विकसित कर किसानों, बागवानों और ग्रामीण युवाओं को उनके उत्पादों का उचित बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी ध्वनिमत से सर्वसम्मति के साथ पारित किया गया। प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि भविष्य में यदि उत्तराखंड क्रांति दल के विधायक विधानसभा पहुंचते हैं तो राज्य का कर्ज समाप्त होने तक वे वेतन नहीं लेंगे। साथ ही पूर्व विधायकों और मंत्रियों की पेंशन व्यवस्था समाप्त करने की मांग का समर्थन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों को त्याग और जवाबदेही का उदाहरण पेश करना चाहिए। केंद्रीय उपाध्यक्ष कुलदीप रावत तथा आशीष नेगी ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए सभी जिलों में युवाओं को जोड़ने और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और संभावनाओं को भी साझा किया।
कार्यक्रम के दौरान कमशार घाटी समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं और स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़ने की इच्छा जताई, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन वरुण चंदोला द्वारा किया गया। उन्होंने प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मेलन पहाड़ के भविष्य और स्वाभिमान की लड़ाई को नई दिशा देगा। समापन अवसर पर धोलिनाग देवता से उत्तराखंड की समृद्धि और सभी के कुशल मंगल की कामना की गई।








