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बागेश्वर के सुंदरढूंगा ग्लेशियर से एसडीआरएफ ने पश्चिम बंगाल के 5 पर्यटकों के शवों का किया रेस्क्यू, स्थानीय गाइड खिलाफ सिंह दानू का नही लगा सुराग, देखे वीडियो

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कपकोट ब्लॉक के सुंदरढूंगा ग्लेशियर ग्लेशियर में बंगाल के पांच पर्यटकों की मौत हो गई थी। मौसम खराब होने के चलते एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, आज एसडीआरएफ की टीम में सुंदरढूंगा ग्लेशियर से पांच शवों को रेस्क्यू कर लिया है। हालांकि, अभी भी स्थानीय गाइड खिलाफ सिंह दानू का कोई सुराग नहीं लग पाया है।

जानकारी के मुताबिक, बंगाल के पांच पर्यटकों को साथ एक स्थानीय गाइड और चार पोर्टर खाती से सुंदरढूंगा ग्लेशियर के लिए 16 अक्टूबर को ट्रैकिंग पर निकले थे। लेकिन 20 अक्टूबर को अचानक मौसम खराब हो गया और सभी 10 लोग बर्फीले तूफान में फंस गए थे। इस दौरान चारों पोर्टर घायल हो गए थे। जो जैसे-तैसे अपनी जान बचाते हुए खाती तक पहुंच गए थे। वहीं, पश्चिम बंगाल के पांचों पर्यटकों की बर्फबारी के चलते मौत हो गई थी। जबकि, स्थानीय गाइड खिलाफ सिंह दानू लापता बताया जा रहा है । वहां से आए पोर्टर ने बताया कि गाइड खिलाफ सिंह के पास एक वॉकी टॉकी था, जिसकी लोकल रेंज पांच किमी की है। उसके माध्यम से उन्होंने जातोली के लोगों को 20 अक्टूबर शाम को सूचना दे दी थी। स्थानीय लोगों ने तभी प्रशासन को सूचित कर दिया था। मौसम खराब होने के चलते एसडीआरएफ को रेस्क्यू अभियान चलाने में काफी दिक्कत हो रही थी। कल एसडीआरफ को 5 पर्यटकों के शव मिल गए थे। और आज एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू करते हुए पांच बंगाली पर्यटकों के शवों को सुंदरढूंगा ग्लेशियर से चॉपर के माध्यम से कपकोट पहुचा दिया है। कपकोट मे ही शवो का पोस्टमार्टम किया जाएगा। गौर हो कि उत्तराखंड में सितंबर, अक्टूबर और नवंबर महीने में बड़ी तादाद में पर्यटक पहाड़ों का रुख करते हैं। बागेश्वर जिले में तीन स्‍थानों- सुंदरढूंगा, कफनी और पिंडारी ग्‍लेशियर में पर्यटक ट्रैकिंग के लिए जाते हैं, जो 15 सितंबर से 15 नवंबर तक कराई जाती है। बताया जा रहा है कि ये पर्यटक भी घाटी में ट्रैकिंग के लिए गए थे, जहां ये लोग फंस गए। और 5 पर्यटकों की वही मौत हो गयी थी, साथ ही गाइड खिलाफ सिंह लापता बताया जा रहा है।

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