बागेश्वर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बागेश्वर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वराज भवन स्थित गांधी मूर्ति परिसर में दो घंटे का उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश आर्या एवं नगर अध्यक्ष मनोज साह के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए मनरेगा योजना बिल का विरोध करते हुए इसे मजदूर विरोधी करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि पुराने प्रावधानों के तहत मनरेगा मजदूरों को वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन नए बिल के लागू होने से यह गारंटी समाप्त हो जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि नए कानून के तहत अब यह तय किया जाएगा कि किस ग्राम पंचायत में काम होगा और किसे नहीं, जिससे मजदूरों के अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि काम का आवंटन सरकार की पसंद के ठेकेदारों को दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता समाप्त हो जाएगी।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि नए बिल में मनरेगा मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय करने का अधिकार भी केंद्र सरकार अपने पास ले रही है, जिससे मजदूरों को उचित मेहनताना मिलने में परेशानी होगी।
इसके साथ ही नेताओं ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था, जिससे राज्य सरकारों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ता था। नए बिल में राज्य सरकार को 40 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जिससे राज्य सरकारें काम देने से बच सकती हैं और मजदूरों को रोजगार मिलने में कठिनाई होगी।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व दर्जा मंत्री राजेंद्र टंगड़िया, देवेंद्र परिहार, रमेश हरड़िया, आनंद परिहार, महेश पंत, बहादुर बिष्ट, कुंदन गोस्वामी, दिग्विजय फर्स्वाण, ईश्वर पांडेय, निक्की साह, प्रकाश कुमार, तारा दत्त पांडेय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मजदूर विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।








