बागेश्वर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने श्रमिकों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद श्रमिक वर्ग से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिसके चलते संघ को आंदोलनात्मक रुख अपनाना पड़ रहा है।
जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा के नेतृत्व में पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ देश का प्रमुख ट्रेड यूनियन संगठन है और राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। संघ ने श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में अखिल भारतीय स्तर पर न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित करने तथा कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम पेंशन सात हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की गई। इसके साथ पेंशन में डीए जोड़ने और संपूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये, बोनस गणना की सीमा सात हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा पात्रता वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग की। वहीं ईएसआईसी की वेतन सीमा भी 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा आंगनबाड़ी, आशा, फैसिलिटेटर सहित संविदा कर्मियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत कड़ाई से लागू करने तथा ग्रेच्युटी की ऊपरी सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनकी जायज मांगों पर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। इस दौरान संघ के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।








