बागेश्वर कपकोट। कफनी ग्लेशियर की यात्रा कर लौटे कपकोट के प्रसिद्ध ट्रैकिंग गाइड जीतू दानू और नैनीताल के प्रकृति प्रेमी चंदन नयाल ने ग्लेशियर तक पहुंचने वाले रास्ते की बदहाली पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कफनी ग्लेशियर तक पहुंचना इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है। जगह-जगह क्षतिग्रस्त रास्ते और झाड़ियों से घिरे ट्रैक के कारण पर्यटकों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। जीतू दानू और चंदन नयाल ने बताया कि पिंडारी ग्लेशियर की तुलना में कफनी ग्लेशियर तक पहुंचने का मार्ग अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। रास्ते के कई हिस्से टूटे हुए हैं, जबकि जगह-जगह झाड़ियों के फैलने से आवाजाही में परेशानी हो रही है। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कफनी ग्लेशियर प्राकृतिक सुंदरता के लिहाज से बेहद आकर्षक है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक ग्लेशियर को नजदीक से देखकर उसकी खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। इसके उलट, पिंडारी ग्लेशियर अब पहले की तुलना में काफी पीछे हो गया है, जिससे पर्यटकों को उसके नजदीक तक पहुंचने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।
रास्ते सुधरें तो बढ़ सकता है पर्यटन
उनका का कहना है कि कफनी ग्लेशियर तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर बनाया जाए तो यहां पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। वर्तमान में रास्ते की खराब स्थिति के कारण पर्यटक यहां जाने से कतरा रहे हैं और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर भी गंवा रहे हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि कफनी ग्लेशियर ट्रैक का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाए और रास्ते में उगी झाड़ियों को हटाया जाए। इससे पर्यटकों की आवाजाही सुरक्षित हो सकेगी और कफनी ग्लेशियर को पर्यटन के मानचित्र पर बेहतर पहचान मिल सकेगी।







