नुमाइशखेत में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास रखकर कांग्रेस नेताओं ने उठाई न्याय की आवाज
बागेश्वर। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आवाज बुलंद की है। दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के धरने और उनके समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खड़े होने के बीच बागेश्वर के ऐतिहासिक मैदान नुमाइशखेत में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का सांकेतिक उपवास रखा गया। इस दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच कराने और मामले में सामने आए वीवीआईपी से जुड़े आरोपों की गंभीरता से जांच करने की मांग उठाई गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड के महासचिव राजेन्द्र सिंह टंगड़िया ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड और देश की आवाज बन चुकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का राजनीतिक प्रभाव या पद न्याय की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए।
टंगड़िया ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ितों और वंचितों के साथ खड़े होकर उनकी आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने अंकिता के माता-पिता के समर्थन को संवेदनशीलता और संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने मांग की कि मामले में जिन वीवीआईपी लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और प्रभावी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी भी पद या रसूख को न्याय से ऊपर नहीं माना जा सकता।
इस सांकेतिक उपवास का मार्गदर्शन पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुनील भंडारी ने किया, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी मनोज साह ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सहभागिता की बात कही गई।
राजेन्द्र सिंह टंगड़िया ने समस्त कांग्रेसजनों से अपील की कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को हर मंच पर उठाया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखा जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है—अंकिता भंडारी मामले में निष्पक्ष जांच हो, दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
उन्होंने संकल्प दोहराया कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी।







