बागेश्वर: जिले से एक साथ आठ डॉक्टर व सात स्टाफ नर्सों का तबादला किए जाने पर संघर्ष वाहिनी ने कडी नाराजगी जताई है। नाराज लोगों ने प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया है। यहां हुई सभा में सरकार पर पहाड़ विरोधी होने का भी अरोप लगाया है। एक स्वर से कहा कि जब तक उनके बदले नया स्टाफ बागेश्वर नहीं आता तब तक यहां से किसी भी स्टाफ को कार्यमुक्त करने की मांग की है। वाहिनी से जुड़े लोग मंगलवार को एसबीआई तिराहे पर पहुंचे यहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में समिति के जिलाध्यक्ष कवि जोशी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का पहाड़ विरोधी चरित्र सबके सामने आ गया है। लगातार पहाड़ी जिलों से डॉक्टर और नसों के तबादले होना इसी बात की तरफ इसारा कर रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जब तक इन सभी डॉक्टर और नर्सों के विकल्प के रूप में नए डॉक्टर और नर्स बागेश्वर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते हैं तब तक स्थानांतरण किए गए सभी डॉक्टर और नर्स को यहां से कार्यमुक्त नहीं किया जाए।
संघर्ष वाहिनी बागेश्वर कई सालों से एक ओर गॉयनेकॉलाजिस्ट डॉ. की मांग सरकार से करती आई हैं, तांकि हमारे जिले की मातृ शक्ति को डिलीवरी या अन्य ऑपरेशन के अल्मोड़ा हल्द्वानी नहीं जाना पड़े।
आम जनता के स्वास्थ्य के खिलाफ खिलवाड़ किया जाएगा तो संघर्ष वाहिनी बागेश्वर उग्र जन आंदोलन करने के लिए वाध्य रहेगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी बागेश्वर जिले के सभी जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन की रहेगी। इस मौके पर अंकुर उपाध्याय, नवनीत बिष्ट, प्रकाश पांडे, वीरेंद्र सिंह नेगी, प्रकाश वाछमी, संस्कार भारती, महेश कालाकोटी,नीरज मनवाल, विनोद थापा, रिजवान खान, मोनिस खान ,कुलदीप मेहता,चेतन बोरा, मुन्ना, रणजीत आदि मौजूद थे।








