logo

कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र में चार कस्तुरी मृग की हुई मौत,जिलाधिकारी ने जांच को गठित की टीम

खबर शेयर करें -

सितंबर माह में एक सप्ताह के अंतराल में मौत पर उठे सवाल

धमरघर के महरूड़ी कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र में तीन शावक और एक नर मृग की मौत हो गई है। जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित की है। मंगलवार से टीम ने जांच प्रारंभ कर दी है। कारणों की जांच के लिए सेंपल भेज दिए हैं। एक सप्ताह के बाद रिपोर्ट आएगी।

महरूड़ी स्थित अनुसंधान केंद्र में 3 सितंबर को एक, 11 को एक और 13 को एक शावक और नर मृग की मृत्यु हो गई। आसपास के लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत की। जिसके बाद जिलाधिकारी ने मंगलवार को एक टीम जांच के लिए केंद्र पर भेजी। जिसमें पशुपालन विभाग के चिकित्सक डा. कमल तिवारी, डा. अशोक कुमार शामिल थे। टीम अनुसंधान केंद्र पर गहन जांच में जुटी है। हालांकि अभी मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। बिसरा आदि जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार है। स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। शावक का मरना जारी है। केंद्र प्रभारी डा. ललित मोहन नयाल ने कहा कि वर्तमान में 13 मृग हैं। जिसमें दो शावक भी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें 👉  नदी में डूबने से दंपती की मौत,मार्च में हुए थी शादी

18 जून 1974 में पिंडारी ग्लेशियर से यहां एक मृग पकड़ कर लाया गया। उसके बाद आठ अन्य कस्तूरी मृग भी हिमालय से लाए गए। जिसमें पांच नर और चार मादा थे। वर्तमान में सात नर और छह मादा यहां हैं। 1985 के बाद यहां कोई नया मृग दूसरे राज्यों से नहीं भेजा गया। वर्तमान में इनकी संख्या 13 है।

यह भी पढ़ें 👉  एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का हुआ गठन, गौरव कर्म्याल अध्यक्ष और भुवन जोशी वन सचिव


वही जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बताया की धरमरघर के महरूड़ी कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र पर एक माह के तीन शावक और 14 माह का नर मृग की मृत्यु की सूचना मिली। जिसकी जांच की जा रही है। सेंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।

प्रभारी कस्तूरी मृग अनुसंधान केंद्र डॉ ललित मोहन सिंह नयाल ने बताया की तीन शावक और एक नर मृग मरे हैं। जिनका बिसरा आदि जांच के लिए भेजा गया है। उनके मरने के कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। वर्तमान में सात नर और छह मादा के अलावा दो शावक भी हैं।

यह भी पढ़ें 👉  तन्मय तिवारी बने सेना में अफसर, माता-पिता, परिजनों, और परिचितों का सीना गर्व से चौड़ा
Share on whatsapp