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अनिश्चिकालीन आंदोलन में डटे सोराग गांव के ग्रामीणों और अधिकारियो की वार्ता हुई विफल, ग्रामीणों का आंदोलन रहा जारी

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पिंडर नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलित सोराग के ग्रामीणों का पीएमजीएसवाई व वैप्कोस के ईई के साथ वार्ता विफल हो गई। ग्रामीण जांच टीम गठित करने पर अड़े रहे, जबकि वैप्कोस के अधिकारी ने मार्च तक पुल निर्माण करने का भरोसा दिया। जिलाधिकारी के आने तक ग्रामीणों ने आंदोलन में डटे रहने का निर्णय लिया है।
सोराग के ग्रामीण कल दिन से लगातार कलक्ट्रेट धरने में डटे हुए है। आज उनकी वार्ता पीएमजीएसवाई व वैप्कोस के अधिकारियों से हुई। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2000 में पीएमजीएसवाई ने उगियां से सोराग तक 11 किमी सड़क स्वीकृत की। 2023 तक सड़क बनी और डामरीकरण भी हो गया। मोटर मार्ग के बीच में पिंडर नदी में चार करोड़ की लागत से 60 मीटर लंबा मोटर पुल बनना था। पुल के निर्माण के लिए 2021 में निविदा भी हुई। कार्यदायी संस्था वैप्कोस तथा ठेकेदार ने निर्धारित समय पर पुल तैयार करने का बॉड बनाया। विभाग व ठेकेदार की लापरवाही के चलते अभी तक पुल नहीं बन पाया है। कार्यदायी संस्था ने पुल का भुगतान तक कर दिया है। पुल के अभाव में ग्रामीणों को सड़क का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मामले की जांच के लिए टीम गठित करने की मांग की। दोनों अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जिलाधिकारी ही टीम गठित के निर्देश दे सकती है। उनके अधिकार क्षेत्र में मालमा नहीं है। वैप्कोस ने मार्च तक पुल निर्मााण करने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण जांच टीम गठित की मांग पर अड़े रहे और वार्ता  विफल हो गई। इस मौके पर केसर सिंह, बलवंत सिंह, कविंद्र सिंह, उमराव सिंह, लक्ष्मण सिंह, मोहन सिंह, पार्वती देवी, दीपा, राधा, तारा आदि मौजूद रहे। ग्रामीणों के समर्थन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी और सुंदर सिंह मेहरा, खिलाफ सिंह दानू भी मौजूद रहे। 

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