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उच्च न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग बागेश्वर की आवासीय कलोनी में अवैध निर्माण पर लगाई रोक,अधिशासी अभियंता को किया तलब

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उच्च न्यायालय ने बागेश्वर लोक निर्माण विभाग के आवासीय कॉलोनी में अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने एक शख्स के व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

इसके अलावा नैनीताल हाईकोर्ट ने जिला विकास प्राधिकरण और होटल स्वामी को नोटिस जारी किया है। खंडपीठ ने आगामी 5 सितंबर को लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिशासी अभियंता को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।

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बागेश्वर व्यापार संघ के अध्यक्ष कवि जोशी ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि बागेश्वर तहसील रोड पर स्थित लोक निर्माण विभाग के आवासीय कॉलोनी के अंदर यानी पीडब्ल्यूडी की भूमि पर एक व्यक्ति की ओर से अतिक्रमण कर बृहद रूप से व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है।

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याचिका में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की ओर से जिला प्रशासन को उक्त निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने संबंधी पत्राचार किया गया है, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में ये भी कहा गया है कि सिंचाई विभाग बागेश्वर के नहर के ऊपर भी निजी व्यक्ति ने अतिक्रमण किया है जिस पर रोक लगाई जाए।

जनहित याचिका में बागेश्वर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, बागेश्वर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग बागेश्वर समेत होटल स्वामी को पक्षकार बनाया गया है।

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