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स्मैक और चरस तस्करो पर होगी सख्त कार्रवाई : एसपी

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एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने कहा कि एनडीपीएस मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। चरस और स्मैक के मामलों की विवेचना में आ रही त्रुटियों को दूर किया जाएगा। नशा करने वाले को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ पेडलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यभार संभालने के बाद पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में एसपी कोंडे ने कहा कि नशा समाज के लिए घातक है। बागेश्वर जैसे छोटे जिले में नशे का बढ़ता प्रचलन चिंताजनक है। उन्होंने माना कि एनडीपीएस अधिनियम काफी जटिल है। यह सख्त और अच्छा कानून है। कई बार जानकारी नहीं होने या प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण आरोपी छूट जाता है। इसे दूर करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा। सही विवेचना के लिए एसओपी बनाई जाएगी। पेडलर और पीड़ित के बीच अंतर किया जाएगा। नशे के आदी के साथ पेडलर के समान व्यवहार नहीं किया जाएगा। उसे स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। नशे और साइबर अपराधों पर रोकथाम के लिए सरकारी विभागों के साथ ही समाज के अलग-अलग लोगों का सहयोग लेंगे। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।


2018 बैच के आईपीएस कोंडे महाराष्ट्र के (वागेश्वर) वागोली गांव के रहने वाले हैं। इससे पूर्व वह देहरादून में एसपी यातायात के पद पर तैनात थे। उन्होंने यातायात सुधार को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि देहरादून का अनुभव यहां काम आएगा। जिस तरह से देहरादून में वैज्ञानिक तरीके, विशेषज्ञों की राय लेकर यातायात व्यवस्था में सुधार लाया गया, उसी तरह यहां भी काम होगा। छोटी-छोटी पार्किंग बनाई जाएंगी। व्यापार मंडल और नगर के लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
एसपी कोंडे ने कहा कि वह अधिकारी, कर्मचारियों के तत्काल फेरबदल के पक्ष में नहीं हैं। सीओ कपकोट कर्मचारियों को लेकर ऑडिट कर रहे हैं। इसके आधार पर कार्मिकोंं की कमजोरी और मजबूती को ध्यान में रखते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एसपी कोंडे ने कहा कि महिला कर्मचारियों को केवल कार्यालय के काम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें विभागीय कार्य में अधिक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कहा कि महिला कार्मिक कार्य को लेकर अधिक संवेदनशील होती हैं। उन्हें अधिक जिम्मेदारी मिलने से विभाग को लाभ मिलेगा। जिला मुख्यालय के साथ ही नगरीय, ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों, कस्बों में अवैध रूप से चाय की दुकान, रेस्टोरेंट आदि में शराब पिलाने और बेचे जाने के सवाल पर एसपी कोंडे ने कहा कि अवैध रूप से शराब पिलाने और बेचने वालों पर नकेल कसी जाएगी। एसपी कोंडे ने माना कि बाजार में रसोई गैस, दूध जैसी अति आवश्यकीय सेवा की गाड़ियों के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने से जाम की समस्या पर रोक लगेगी। इन वाहनों को उतारने का समय निर्धारित करने का प्रयास किया जाएगा। एसपी कोंडे ने कहा कि गरुड़ के मन्यूड़ा में हुई हत्या की वारदात को रोका जा सकता था। आरोपी नशे का आदी था और जमानत पर बाहर था। ऐसे में उसकी गतिविधि पर पुलिस की नजर होनी चाहिए थी। ऐसी खामियां भविष्य में सामने न आएं, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस तरह के लोगों पर सख्त नजर रखी जाएगी। मादक पदार्थोँ की तस्करी से जुड़े मामलों में कमजोर विवेचना की बात अदालतों में साबित हो रही है। विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत के हालिया फैसलों में बागेश्वर पुलिस की विवेचना पर गंभीर सवाल उठे हैं। एनडीपीएस के आरोपी साक्ष्यों के अभाव और विवेचना में खामी के कारण लगातार बरी हो रहे हैं। बीते तीन जुलाई चरस बरामदगी के एक मामले में फैसला सुनाते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने बेहद तल्ख टिप्पणी की थी। न्यायालय ने न केवल गिरफ्तारी को संदेहास्पद बताया था बल्कि यहां तक कह दिया था कि यदि पुलिस ने कार्यशैली में बदलाव नहीं किया और शीर्ष अधिकारियों ने ठोस कदम न उठाए तो प्रदेश में अराजकता का माहौल स्थापित हो जाएगा। अदालत ने इस बेहद गंभीर मामले की आदेश की प्रति सूबे के मुख्य सचिव और डीजी पुलिस को भेजने के आदेश दिए थे। यानि कि सूबे की सरकार और पुलिस के आला अधिकारी भी बागेश्वर में विवेचना में हो रही खामी से अनजान नहीं हैं। इस लिहाज से त्रुटिहीन विवेचना कराना नए पुलिस कप्तान के लिए चुनौती होगी।

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