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एम्स ऋषिकेश के वार्ड में पहुंची पुलिस की गाड़ी, SSP ने बताई घटना की पूरी बचाई सच्चाई

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ऋषिकेश ( देहरादून)- ऋषिकेश एम्स अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें साफ दिखाई पड़ रहा है कैसे अस्पताल की चौथी मंजिल पर पुलिस की एक गाड़ी घुस गई. इस दौरान वार्ड में जिसने भी ये मंजर देखा, हर कोई हैरानी में पड़ गया. इसी मामले को लेकर आज देहरादून एसएसपी जांच के लिए खुद ऋषिकेश एम्स पहुंचे उन्होंने एम्स अस्पताल के घटनास्थल का निरीक्षण किया वहीं एम्स के डायरेक्टर और सिक्योरिटी इंचार्ज से इस मामले को लेकर बातचीत भी की. प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि वायरल वीडियो इमरजेंसी वार्ड का न होकर मरीजों के एडमिट से पहले रुकने के लिए बनाई गई वेटिंग गैलरी का है.

आपको बता दें ये मामला 19 मई का बताया जा रहा है जब पीड़ित डॉक्टर ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर उसके साथ छेड़छाड़ हुई है. इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी. इसके बाद आज एसपी देहरादून जांच के लिए खुद ऋषिकेश एम्स पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

एम्स में निरीक्षण के बाद देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया की पुलिस को छेड़ छाड़ मामले में तहरीर दी गई थी और आरोपी के खिलाफ लगातार आक्रोश डॉक्टर्स के बीच दिखाई पड़ा। इसी बीच आरोपी साइकेट्रिस्ट वार्ड में एडमिट हो गया था और इसके विरोध ने बाहर ढाई से तीन सौ लोग जमा हो गए जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। जब पुलिस वहां पहुंची तो देखा की वहां पर लोग आक्रोश में और पिटाई करने की आवेश में थे। पुलिस द्वारा बहुत समझाने के बाद भी जब वे नही माने तो एम्स एडमिनिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी ऑफिसर द्वारा इमरजेंसी एग्जिट प्लान बना हुआ है जहां से रैंप का प्रयोग कर गाड़ी उपर ले जाकर आरोपी को निकाला गया। वहीं एसएसपी ने बताया की जो वीडियो वायरल हो रहा है वो कोई वार्ड नही है बल्कि वेटिंग एरिया है. जहां सिक्योरिटी ने पुलिस की गाड़ी को गाइड किया जिसका कारण ये था की कहीं डॉक्टर्स या नर्सिंग स्टाफ के बीच झगड़ा न हो। एसएसपी ने कहा की उस वक्त परिस्थिति के हिसाब से जो भी किया गया ठीक किया गया।

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