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नई शिक्षा नीति भावी पीढ़ी के लिए अनुकूल

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केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव पाठक ने कहा कि नई शिक्षा नीति भावी पीढ़ी को पढ़ाई के साथ कौशल विकास की ओर अग्रसर करना है। उन्होंने कहा 21 वी सदी के आत्मनिर्भर भारत को छात्रों के अनुकूल शिक्षा देने की सरकार की मंशा है।


नई शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ पर केंद्रीय विद्यालय बागेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री पाठक ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू हुए 3 वर्ष पूर्ण हो गए है। जिसमे बाल वाटिका, निपुण की पहल, विद्या प्रवेश, शिक्षक प्रशिक्षण, विधांजली पोर्टल, कौशल विकास, पीएम ई विद्या आदि योजनाएं संचालित की जा रही है। जिससे बच्चे को शिक्षा के साथ साथ कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा के अवसर भी प्रदान किये जा रहे है।

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उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत भारत की आवश्यकताओ के अनुकूल प्रत्येक बच्चें को उंसकी क्षमता व सोच की शिक्षा देनी है।रटने के बजाय उसे सीखने की शिक्षा देना पहला लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली, फीस का ई संग्रहण, शिक्षा की गुणवत्ता के लिए दीर्घकालिक प्रशिक्षण शामिल है। पीएम केवी 3 के तहत शिक्षा मंत्रालय द्वारा 228 विद्यालयों में कौशल विकास व उधमिता प्रोजेक्ट शुरू किए है। जिसका लाभ आने वाले समय में विद्यार्थियों को मिलेगा। इस दौरान निधि शर्मा, मुकेश रतूड़ी, अमित कुमार, आर डी कुशवाहा मौजूद थे।

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