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मद्महेश्वर धाम में फंसे 350 से अधिक तीर्थयात्री,खराब मौसम से हेली से नही हो पाया रेस्क्यू, रस्सीयों के सहारे 25 यात्रियों का किया गया रेस्क्यू

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मद्महेश्वर धाम के बणतोली में तीन दिन पहले पुल ध्वस्त होने से 350 से ज्यादा तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। प्रशासन ने अभी तक 25 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। वहा फंसे यात्रियों ने प्रशासन पर आरोप लगाया और कहा कि हुए उनके लिए खाने और पीने की कोई व्यव्स्था प्रशासन ने नहीं की है। जिस कारण उनके सामने काफी दिक्कतें पैदा हो गई हैं। वही स्थानीय दुकानदारों का राशन होने की कगार पर है।

आज आजादी का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। तो वहीं मद्महेश्वर धाम के जंगलों में श्रद्धालु भटकने को मजबूर हैं। यात्रा पड़ाव के बणतोली में तीन दिन पहले भारी बारिश से पुल ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद से ही यहां फंसे करीब 350 से श्रद्धालु प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इन तीर्थयात्रियों में एक तीर्थयात्री प्रेग्नेंट भी है।

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बणतोली में बना पुल मूसलाधार बारिश और पानी के उफान में आने से नदी में समा गया था। पुल के नदी में समाने के कारण मद्महेश्वर धाम समेत यात्रा पड़ावों का संपर्क गौंडार गांव से कट गया है। यात्रा पड़ावों पर सैकड़ों यात्री फंस गए क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीण भी खौफजदा हैं।

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लगातार जलस्तर बढ़ने से मधु गंगा नदी में जुगासू पर बना पुल भी खतरे की जद में आ गया है. मद्महेश्वर यात्रा के बणतोली पड़ाव में लगातार नदी का कटाव होने से खतरे की जद में आ गया है। श्रद्धालु दिनेश बिष्ट ने कहा कि पुल के ध्वस्त हो जाने से वे 3 दिनों से मद्महेश्वर धाम में फंसे हुए हैं। यहां राशन भी खत्म हो रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है।

उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद हेली से रेस्क्यू किया जाएगा। अभी रस्सी के सहारे तीर्थ यात्रियों को निकालने का प्रयास किया जा रहा हैm अभी तक 25 यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। मौके पर आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत स्थानीय पुलिस की टीम मौजूद है।

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