उपशीर्षक: गरीबी उन्मूलन दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया आयोजन, साइबर अपराध, नशे और बाल विवाह के प्रति किया जागरूक
बागेश्वर। अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ग्राम बिलौरी (देवलधार) में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, सरकारी योजनाओं, साइबर अपराध, नशे के दुष्परिणाम और बाल विवाह सहित विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी दी गई।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने नालसा की गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर, असहाय और निर्धन वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाना जरूरी है, ताकि पात्र लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठा सकें।
शिविर में साइबर सुरक्षा एवं साइबर धोखाधड़ी पीड़ित सहायता योजना-2026, नालसा शिक्षा योजना-2026, नालसा जागृति योजना, पोक्सो अधिनियम, दहेज प्रथा के दुष्परिणाम और नालसा वीर परिवार सहायता योजना-2025 के बारे में भी बताया गया।
रिटेनर अधिवक्ता महिप किशोर ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए मुआवजे, सामुदायिक मध्यस्थता, बाल विवाह, स्थायी लोक अदालत की भूमिका और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को नालसा की हेल्पलाइन संख्या 15100 के बारे में भी बताया।
तहसीलदार हरीश टम्टा ने राजस्व संबंधी मामलों की जानकारी दी। एएसआई राकेश कुमार ने नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया, जबकि एसआई कमला बिष्ट ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के उपाय बताए।
शिविर में ग्राम प्रधान, पराविधिक स्वयंसेवियों (पीएलवी) तथा बिलौरी, मटेला और छौना गांवों के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया।







