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बागेश्वर में चिकित्सकों ने विरोध का अपनाया अनोखा तरीका,विरोध करते हुए भी अपने कार्यों से विमुख नही हुए चिकित्सक

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जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने विरोध करते हुए भी कोई विरोध नहीं किया। चिकित्सकों के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया। चिकित्सकों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन में कई विकल्प लिए जा सकते थे। लेकिन जनता की परेशानी को देखते हुए उनके द्वारा आपातकालीन कक्ष में मरीजों की पूरी ईमानदारी के साथ जांच करी। बता दे की जिला अस्पताल के चिकित्सकों के द्वारा सीएमएस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए ओपीडी कार्यों का बहिष्कार किया था। लेकिन उनके द्वारा पूर्ण बहिष्कार न करते हुए आपातकालीन कक्ष में मरीजों की जांच करी। चिकित्सकों ने बताया कि वह अपनी मांगों के लिए लगातार प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने विरोध प्रदर्शन में मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने देंगे। वह लगातार मरीजों की जांच पड़ताल कर रहे हैं और उन्हें अच्छे से अच्छा इलाज देने का प्रयास भी किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ व उनके स्टाफ के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होगा और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाएगा तो वह ऐसे माहौल में काम नहीं कर पाएंगे। वही उनकी मांग को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने उनके साथ वार्ता की और उनको आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा।

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जापान में भी जब किसी भी विभाग को अपनी मांगों के लिए विरोध प्रदर्शन करना होता है वहां इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया जाता है। जिसमें वह अपने कार्यों को करते हुए प्रर्दशन करते है। ऐसी अनोखे प्रदर्शन वहां हर कार्यों में किए जाते हैं। वहां किसी भी रूप में पूर्ण बहिष्कार का कोई विकल्प नहीं होता है। वहां हर कोई अपनी जिम्मेदारियां को निभाते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हैं। अपनी जिम्मेदारियां को पूरी ईमानदारी से निभाते हुए कार्यों को अनोखे तरीकों से किया जाता है। इसी तरह का तरीका आज बागेश्वर जिला अस्पताल के चिकित्सकों के द्वारा भी किया गया। उनके द्वारा अपनी मांगों को मनाने के लिए ओपीडी का बहिष्कार करते हुए । आपातकालीन पक्ष में मरीजों की जांच करी। इस दौरान चिकित्सकों ने 400 से अधिक मरीजों को देखा और उन्हें दवाइयां दी।

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जिला अस्पताल की चिकित्सकों ने बताया कि वह लंबे समय से सीएमएस की अभद्रता से परेशान है वह लगातार उन्हें प्रताड़ित करने का कार्य करते हैं। जबकि सभी अपने अपने कार्यों को ईमानदारी से निर्वहन करते आ रहे हैं‌। जिस तरीके से जिला अस्पताल में सीएमएस के द्वारा चिकित्सकों और स्टाफ के साथ व्यवहार किया जाता है वह काफी निंदनीय है जिसे वह किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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वही सीएमएस ने बताया कि उनके द्वारा किसी भी तरह की किसी से भी अभद्रता नहीं की गई है वह जांच के लिए तैयार हैं।

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