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उच्च न्यायालय ने सभी जिलाधिकारियों को वन भूमि और राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

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उच्च न्यायालय नैनीताल के पदमपुरी में वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने को लेकर दिल्ली निवासी प्रभात गांधी के पत्र पर संज्ञान लेकर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने जनहित याचिका का क्षेत्र विस्तृत करते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और डीएफओ को आदेश दिए हैं।

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कोर्ट ने जिलाधिकारियों और डीएफओ को राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय राजमार्गों, राजस्व की भूमि और वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने से पहले की और अतिक्रमण हटाने के बाद की फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से चार सप्ताह के भीतर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए.

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कोर्ट ने पदमपुरी में वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण पर जिलाधिकारी व इससे संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि अग्रिम आदेश से अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करें. मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है. मामले के अनुसार दिल्ली निवासी प्रभात गांधी ने मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर कहा है कि नैनीताल के पदमपुरी में वन विभाग की भूमि व रोड के किनारे कुछ लोगों ने संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से अतिक्रमण किया है. जिसकी वजह से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लिहाजा इसे हटाया जाए.

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