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अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर सरयू गोमती संगम पर जुटे साधक

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बागेश्वर जिले में आज हर जगह हर कोई योग के रंग में डूबा हुआ दिखा। इसके अलावा वेलनेस केंद्रों पर भी योग दिवस पर साधक जुटे। योगाचार्यों ने सभी को योग कराया। शिविर में योग साधकों ने प्रार्थना से योग की शुरूआत की। इस दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, बज्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, भुजंगासन, मकरासन, उत्तान पाद आसन, अर्ध हलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाती, अनुलोम विलोम, नाड़ी शोधन, भ्रामरी का अभ्यास करने के साथ ध्यान लगाने का अभ्यास किया।
योगाचार्यों ने कहा कि भारतीय योग व ध्यान से मन में प्रसन्नता आती है। योग से जीवन के सर्वांगीण विकास के साथ ही शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि योग को हमें अपनी दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। यदि योग को अपना लिया जाए तो बीमारियां कोसों दूर रहेंगी। इस मौके पर दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि ये हमारे लिए गौरव की बात है कि आज समूचा विश्व भारत के योग को अपना रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव और भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्शवाण ने कहा कि भारतीय योग व ध्यान से मन में प्रसन्नता आती है। योग से जीवन के सर्वांगीण विकास के साथ ही शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि योग को हमे अपनी दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। यदि योग को अपना लिया जाए तो बीमारियां कोसों दूर रहेंगी। योगाभ्यास में एक घंटे तक योग की विभिन्न विधाओं के साथ ही कपालभाती, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार आदि प्राणायाम कराए गए। जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने सभी को दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर किसी को प्रतिदिन योग करना चाहिए जिससे वो उर्जावान रहें। बता दे कि गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों के कारण ही 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने का ऐलान किया। भारत के प्रस्ताव पर 170 से अधिक देशों ने मंजूरी जताई थी, जो संयुक्त राष्ट्र में इतिहास बन गया।

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