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मणिपुर हिंसा रोकने व पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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मणिपुर हिंसा रोकथाम व पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन।

बागेश्वर में आज उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति बागेश्वर के द्वारा उप जिलाधिकारी बागेश्वर के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि मणिपुर राज्य विगत 3 माह से अशांत हुआ है हर जगह से धधक रहा है। आए दिन हजारों मकानों को जलाया जा रहा है। हजारों परिवार बेघर होकर राहत कैंपों में शरण ले रहे है। मां बेटियों बच्चों के साथ आए दिन बलात्कार और उन्हें अपमानित किया जा रहा है तो वही सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश और दुनिया को भी दिख रहा है।

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इस कारण विदेशों में भी भारत की छवि खराब हो रही है उन्होंने कहा जातिगत राजनीति की आड़ में महिलाओं नाबालिक बच्चों के साथ मारपीट हत्या बलात्कार और निर्वस्त्र कर छेड़खानी की जारी है जिस कारण महिलाओं को पूरे देश की महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है। वह अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही है। मणिपुर की महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है उसकी उत्तराखंड के आदिवासी समाज को विरोध करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वह सर्वोच्च पद पर रहते हुए अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए इस अमानवीय कृत्य के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने व मणिपुर राज्य में जातीय हिंसा को रोकने हेतु उचित कदम उठाएं। इस मौके पर गंगा सिंह पांगती, पूजा जंगपांगी, श्री राम सिंह राणा, दया रावत मौजूद रहे।

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