उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए रेक्क्यू ऑपरेशन के नौंवे दिन में अब रोबोट की मदद भी ली जा रही है। रेक्क्यू ऑपरेशन आज डीआरडीओ की एक टीम रोबोटिक्स मशीन के साथ सिलक्यारा पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर काम करना शुरू कर दिया है। डीआरडीओ की रोबोटिक्स टीम ने सिलक्यारा टनल के अंदर 2 रोबोट भेजें है।
एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशू मनीष बताया कि डीआरडीओ की की रोबोटिक्स टीम ने काम करना शुरू कर दिया है। टीम ने 20 किलो और 50 किलो वजनी 2 रोबोट टनल के अंदर भेजे हैं। उन्होंने बताया रोबोट जमीन पर चलते हैं। जमीन रेत की तरह काम कर रही है। हमें आशंका है कि रोबोट वहां चल पाएंगे या नहीं
सिलक्यारा टनल के अंदर लैंडस्लाइ के कारण जो मलबा जमा हुआ है उसके ऊपरी हिस्से में थोड़ी बह़ुत जगह है। जहां से रोबोट को निकालने की योजना है। इसके अलावा इसी हिस्से से एक पाइप भी टनल के अंदर डाला गया है। जिससे अधिक मात्रा में भोजन, पानी, दवाईयों को पहुंचाया जा रहा है।
उत्तरकाशी सिल्कयारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए चल रहे ऑपरेशन पर पर एनडीआरएफ के आईजी एनएस बुंदेला ने बताया कि फंसे हुए श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्हें बचाने के प्रयास जारी है। उन्होंने कहा घटनास्थल पर एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं। एक बार धुरी सुरंग बन जाने के बाद, हम फंसे हुए लोगों को बचाने में सक्षम होंगे।
उत्तरकाशी सिल्कयारा टनल में भोजन, दवाईयां, ऑक्सीजन के लिए 6 इंच चौड़ा और 57 मीटर लंबा पाइप डाला गया है। इस पाइप से टनल में फंसे श्रमिकों को राहत मिलेगी। इससे पहले लगे पाइप से बहुत काम मात्रा में ही भोजन टनल के अंदर भेजा जा रहा था।




