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बागेश्वर ब्रेकिंग: गिरफ्तार हुए बॉबी पवार नौ घण्टे बाद जमानत पर रिहा

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  • नौ घण्टे चला यह हाई वोल्टेज ड्रामा
  • सुबह जाने से रोक अब सबसे पहले बाबा बागनाथ जी के दर्शन को जा रहे हैं बॉबी
  • माननीय न्यायालय द्वारा इस जमानत पर बॉबी पवार व उनके साथियों पर बागेश्वर में रुकने सम्बंधित किसी प्रकार की कोई शर्त नही रखी गयी है।
  • सवाल संगठन के रमेश पाण्डे कृषक ने इस गिरफ़्तारी के लिए उत्तराखंड सरकार की कड़े शब्दों में निन्दा करी है।

रिपोर्ट- राजकुमार सिंह परिहार
बागेश्वर पहुंचे बेरोजगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पवार को आज सुबह बागनाथ मंदिर दर्शन को जाते वक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें न्यायालय पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

बागेश्वर विधानसभा उप चुनाव के दौरान सुबह 11:30 बागेश्वर स्थित बागनाथ मंदिर दर्शन को जा रहे बॉबी पवार, कार्तिक उपाध्याय, भूपेंद्र कोरंगा, राम कनवाल, नितिन दत्त को कोतवाली पुलिस द्वारा धारा 147, 188, 186, 171G के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। नौ घण्टे के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद न्यायालय द्वारा उन्हें बिना शर्त जमानत पर रिहा कर दिया।

जमानत मिलने के बाद बॉबी पवार ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार कर सरकार अपने भ्रष्टाचार को नहीं छुपा पायेगी। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के रोजगार की लड़ाई एवं सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ वह अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। कहा कि आज तक उन्होंने भी सिर्फ़ सुना था कि सत्ता में बैठे लोगों द्वारा प्रशासन का दुरुपयोग किया जाता है आज देख भी लिया है। सरकार चाहती है कि कोई भी व्यक्ति या संगठन प्रदेश के पीड़ित व्यक्ति आवाज़ न उठाए इसको लेकर ये पूरा घटनाक्रम किया है। यह पूरा प्रकरण प्रशासन ने सरकार के इशारे पर किया है। उनके लगातार पूछने पर प्रशासन के लोग कहते रहे कि ऊपर से आदेश आया है, परन्तु बताया नही कि ऊपर से किसने आदेश दिया है। आंखिरकार नौ घण्टे चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे में आखिर बेरोज़गारों की जीत हुई है। आजका यह घटनाक्रम पूरे प्रशासन के मुँह पर तमाचा है कि किस प्रकार से इस सुनियोजित घटना को अंजाम दिया गया और आखिर में हमारी गिरफ़्तारी विफल रही। जैसा कि आप जानते हैं हम सरकार से लगातार एक निष्पक्ष सिस्टम मांग रहे हैं। हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी सरकार से नही है, यह प्रदेश के हज़ारों लाखों युवाओं की लड़ाई है। जिसे हम मिलकर आगे भी लड़ते रहेंगे जब तक हमारी मांग नहीं मानी जायेगी चाहे प्रदेश में किसी की भी सरकार हो। हम लोगों व छात्रों के बुलावे के बाद यहाँ पर आये थे। उन्होंने बताया कि अब वह सबसे पहले बाबा बागनाथ जी के दर्शन करने जायेंगे, क्योंकि सुबह उन्हें रोका गया था। परन्तु अब कोई समस्या नही है। कल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस वार्ता की जायेगी।

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वहीं उनके वकील हरीश जोशी ने बताया कि कोतवाली पुलिस द्वारा जिन धाराओं के ख़िलाफ़ बॉबी पवार व उनके साथियों को गिरफ़्तार किया था वह उन पर साबित नही होती, इसलिए हमारे द्वारा सर्वप्रथम बॉबी पवार की रिमांड कैंसिल किए जाने आपत्ति दर्ज की गयी। परन्तु रिमांड कैंसिल नही होने के बाद ज़मानत के लिए आवेदन किया गया। पूरा पक्ष न्यायालय के सम्मुख रखने के बाद अंततः उन्हें अनकंडीशनल बेल पर रिहा कर दिया गया। बताया कि माननीय न्यायालय द्वारा इस जमानत पर बॉबी पवार व उनके साथियों पर बागेश्वर में रुकने सम्बंधित किसी प्रकार की कोई शर्त नही रखी गयी है।

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बेरोज़गार संघ के उपाध्यक्ष राम कनवाल ने कहा कि उन्हें जिस तरह से आज रोका गया, उनके मोबाईल छिने गये, यह लोकतंत्र का कौन सा तरीक़ा है उन्हें नही पता। परन्तु उससे साफ अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि यदि आप सरकार में हैं तो कैसे प्रशासन का दुरुपयोग किया जा सकता है यह प्रत्यक्ष हुआ है। सरकार नही चाहती है कि बेरोज़गारों की आवाज़, बागेश्वर के मुद्दे लेकर बॉबी पवार व उनकी टीम बागेश्वर में प्रवेश करे, उसके लिए कोई भी हथकंडे अपनाने से पीछे नही है। अब आगे की रणनीति पर सभी साथियों के साथ वार्ता कर विचार विमर्श किया जायेगा तभी कुछ निर्णय लिया जायेगा।

बागेश्वर के स्थानीय सामाजिक युवा जो लगातार आंदोलनों में सक्रीय रहने वाले भूपेंद्र कोरंगा का कहना है कि आज के इस घटनाक्रम में जिस तरह से सरकार युवाओं हक मार रही है उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की इस मुहिम को और भी अधिक बल मिलेगा। अब युवा दस गुना अधिक जोश के साथ अपनी आवाज़ को बुलन्द करेगा, उन्होंने आज के इस पूरे घटनाक्रम के लिए शासन प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज की इस सोची समझी साजिश वाली घटना ने जो ताक़त प्रदान की है उससे सरकार के ख़िलाफ़ लड़ने वाली लड़ाई को और अधिक बल मिलेगा।

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सवाल संगठन के रमेश पाण्डे कृषक का कहना है कि मौजूदा सरकार बहुत ज़्यादा डरी हुई है। बॉबी एक यूथ आइकन हैं, वह घर हो या घर से बाहर, उस पर लगातार सरकार की नजर रहती है। सरकार नही चाहती है कि सरकार के ख़िलाफ़ लोगों को जानकरियाँ मिलें। वर्तमान में बागेश्वर में चुनाव चल रहे हैं अब बॉबी यहां आयेंगे तो जनता पूछेगी और सवाल भी होंगे, उन घटनाओं-घोटालों के बारे में भी लोग जानेगें जिसके लिये बॉबी जाने जाते हैं। सरकार ने बॉबी पवार को गिरफ़्तार नही किया है यह युवा वर्ग की गिरफ़्तारी है, देश की गिरफ़्तारी है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस गिरफ़्तारी के लिए उन्होंने उत्तराखंड सरकार की कड़े शब्दों में निन्दा भी करी है।

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