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पलायन रोकने के लिए स्वरोजगार को देना होगा बढ़ावा : भगत सिंह कोश्यारी

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महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने जगथाना गांव में समितियों के माध्यम से किए जा रहे मत्स्य तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हमें पलायन को रोकने के लिए कार्य करना होगा तथा इसके लिए सरकार की योजनाओं का लाभ लेना होगा। कहा कि कपकोट का अपेक्षित विकास हो रहा है। कपकोट को आकांक्षी विकासखंडों में सम्मिलित करने से विकास कार्यो में तेजी आएगी। विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि जगथाना गांव में शीघ्र मोबाइल सेवा उपलब्ध कराने के साथ ही सडक की मरम्मत करके सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मंगलवार को जगथाना गांव पहुंचे जहां उन्होंने गांव में खेतों में मडुवा व धान के खेतों में जाकर किसानों से वार्ता की तथा उनसे मोटा अनाज उगाने की बात कहकर कहा कि इसकी मांग बढ़ रही है। इसके बाद वे जगथाना में दलीप सिंह दानू व चंदन दानू द्वारा बनाए गए ट्राउट मत्स्य पालन का निरीक्षण किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि विधायक सुरेश गड़िया क्षेत्र के विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। कहा कि कपकोट को आकांक्षी विकास खंड के रूप में शामिल किया गया है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि जगथाना में मत्स्य पालन उनका सपना था जिसे आज ग्रामीणों की मेहनत ने करके दिखाया है। कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्प है। ग्रामीणों की मांग पर गांव में मोबाइल सेवा प्रदान करने के लिए कार्यवाही प्रगति पर है तथा दिसंबर माह तक यहां मोबाइल सेवा प्रारंभ हो जाएगी तथा शीघ्र सड़क के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की जाएगी जिसके लिए सरकार ने पैसा स्वीकृत कर दिया है। कहा कि मत्स्य के विपणन की समस्या का निदान किया जाएगा। मत्स्य अधिकारी मनोज मियान ने बताया कि वोकल फॉर लोकल की थीम पर विगत पांच साल से क्षेत्र में कलस्टर आधारित ट्राउट मछली का उत्पादन किया जा रहा है। जगथाना कलस्टर में सात समितियां काम कर रही है। बताया कि जगथाना के साथ ही शामा, लीती, बडेत, फरसाली, सौंग तथा लीली क्षेत्र में लगभग 20 समितियां मछली उत्पादन का कार्य कर रही है, जिसमें तीन सौ लोग जुडे हुए है। उन्होंने बताया कि मछली उत्पादन में कलस्टर आधारित कार्यो के लिए सरकार से मुख्यमंत्री घाोषणा में 4.5 करोड की धनराशि के सापेक्ष 1.5 करोड की धनराशि विभाग को मिल चुकी है, जिसका काश्तकरों को लाभ प्रदान किया जाएगा।

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