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द हंस फाउंडेशन ने कठपुतलियों के माध्यम से वनो को बचाने का दिया संदेश

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रिपोर्ट: पंकज डसीला

उत्तराखण्ड के वनों को आग से बचाने के लिए द हंस फाउंडेशन द्वारा वृहद्व स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कराया जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा संचालित इस प्रोजेक्ट में वनाग्नि रोकथाम हेतु जन सहभागिता को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। बता दे कि विगत वर्ष से उत्तराखण्ड में सर्दियों में भी वनाग्नि की घटनायें हो रही है, जिसे लेकर वन विभाग द्वारा हाल में ही अलर्ट जारी किया गया है और इस साल फायर सिजन को एक महीना पहले ही लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में द हंस फाउंडेशन द्वारा वनो को आग से बचाने हेतु एक अनोखी पहल शूरु की है।  इसके अंतर्गत बागेश्वर विकासखंड के जी.आई.सी. रवाईखाल, जी.आई.सी चोहाना, जी आई सी क्वैरली के स्कूलो मे प्रसिद्ध पपेटीयर राम लाल भट्ट तथा उनकी टीम द्वारा कठपुथलियों के माध्यम से वनो मे लगने वाली आग के कारणों ओर उसके रोकथाम तथा मानव एवं वन्यजीव संघर्ष को कम करने हेतु छात्रों एवं  ग्रामीणों को जागरूक किया गया तथा यह  संदेश दिया कि वन हमारी बहुमूल्य संपदा है, इनका संरक्षण हमें करना चाहिए तथा वनाग्नि से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में हमें अन्य लोगो को भी बताना चाहिए।

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स्कूल के प्रधानाचार्य, अध्यापकगण, ग्रामीणों तथा वन विभाग द्वारा द हंस फाउंडेशन के द्वारा उत्तराखण्ड के वनों को बचाने के लिए किये जा रहे कार्यो की सराहना की तथा कहा कि पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी को जागरूक होने तथा प्रयास करने की आवश्यक्ता है।
कार्यक्रम में संस्था के परियोजना समन्वयक रजनीश रावत,ब्लॉक समन्वयक दीपक द्विवेदी मोटीवेटर सुमन बिष्ट, सुन्दर लाल,गजेंद्र सिंह, षष्टी कांडपाल और वन विभाग के बागेश्वर रेंज से वन दरोगा भूपाल राम, रवि प्रसाद,नवीन कुमार, रमेश चंद्र उपस्थित रहे।

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