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छः दिवसीय अनुभावात्मक भौतिक पर राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ समापन

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में,पद्मश्री 2021 प्रो. एच.सी.वर्मा के निर्देशनमें चल रही छः दिवसीय अनुभावात्मक भौतिक पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आज समापन हुआ। प्रारंभिक सत्र में प्रतिभागियों ने डेमो क्लास का प्रदर्शन किया जिसमें विद्युत, स्थिर वैधयुतिकी एवं चुंबकत्व के सम्प्रत्ययों को प्रो वर्मा द्वारा विस्तृत रूप से प्रतिभागियों को समझाया।

समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित आकाश सारस्वत, प्राचार्य डायट गौचर ने अपने संबोधन में इस कार्यशाला को पूरे राज्यभर के शिक्षकों और बच्चों के लिए प्रभावी बताया। प्रो वर्मा का इस कार्यशाला में सम्मिलित होना बागेश्वर ही नहीं पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि जनपद बागेश्वर के बच्चों का भी प्रो वर्मा से साक्षात्कार होना निश्चित ही बच्चों को भौतिकी के अध्ययन के लिए प्रेरित करेगा।

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इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वृष पुरुष श्री किशन सिंह मलडा जी ने भौतिकी और पर्यावरण का अंतर्संबंध को बताते हुए इस कार्यशाला को बहुत उपयोगी बताया। सभी प्रतिभागियों ने अपने अपने विचार इस कार्यशाला के संदर्भ के बारे में व्यक्त किया सभी ने कार्यशाला को बहुत सार्थक बताया और प्रो वर्मा का धन्यवाद ज्ञापित किया साथ ही कार्यशाला में प्रतिभाग हेतु अवसर देने के लिए डायट बागेश्वर का भी आभार व्यक्त किया।

प्रो वर्मा ने डायट बागेश्वर के अनुरोध पर जनपद के प्रत्येक विद्यालयों को 15- 15 इंटरमीडिएट स्तर की पुस्तकें कम दाम पर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। जिसका सभी प्रतिभागियों ने उत्साह से खड़े होकर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रो वर्मा ने प्रकृति की एकात्मकता जिसमें भाषा भी है, विज्ञान है, समाज है सब यहां बागेश्वर की धरा पर दिखाई देता है।

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उन्होंने कहा कि बागेश्वर में आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों की सक्रिय प्रतिभागिता को देखकर कहा जा सकता है कि सरकारी तंत्र के विद्यालयों के शिक्षकों की क्षमताएं और ग्रह्यता सबसे अधिक है। सुगम्य शिक्षण के लिए शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच भावनात्मक संबंध बनाना अनिवार्य है। कक्षा कक्ष में अध्यापकों को jee, neet जैसी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए। कोचिंग संस्कृति में बच्चों के साथ परीक्षाओं में प्राप्त होने वाले अंको के हिसाब से व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा बच्चों ने इन्हें मेल किया है। प्राचार्य डॉ मनोजन कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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इस अवसर पर, कार्यशाला समन्वयक डॉ राजीव जोशी, सह समन्वयक कैलाश प्रकाश चंदोला, रवि कुमार जोशी, आलोक पाण्डेय, डॉ बी. डी पांडेय, श्रीमती रुचि पाठक, विनोद जोशी, सवित जनौटी, बिजेंद्र पांडेय, हरिओम मेहता, रितेश कुमार, मोहित सिंह, भुवन मेलकानी, भवानी शंकर कांडपाल, पूनम उप्रेती, गरिमा साह, अनुभव अवस्थी, श्री शैलेंद्र कंटक ,रंजीत कुमार आदि प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुंदन सिंह रावत ने किया।

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