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संघर्ष वाहिनी बागेश्वर ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित वीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच और सिक्किम के राज्यपाल को बर्खास्त करने की मांग की है।

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बागेश्वर,
संघर्ष वाहिनी बागेश्वर ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित वीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच और सिक्किम के राज्यपाल को बर्खास्त करने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि इस हत्याकांड को केवल एक हत्या का मामला नहीं बल्कि महिलाओं के रोजगार के दौरान सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मामले में जिन नामों को लेकर चर्चा है, उन्हें जांच से दूर रखा गया है और एक को संवैधानिक पद देकर सुरक्षा कवच दे दिया गया है। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगों में सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त दुष्यंत कुमार गौतम को तत्काल पद से बर्खास्त करने व उन्हें व अजय कुमार को सीबीआई जांच के दायरे में लेकर उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सएप चैट की जांच की जाए। वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता के कमरे पर बुलडोजर चलवाकर सबूत मिटाने के आरोप में कार्रवाई के आदेश देने वालों की भूमिका की जांच की जाए। सजा काट रहे मुख्य आरोपी पुलकित आर्य का फोन डेटा रिकवर कर जांच में शामिल किया जाए, ताकि उसके कथित वीआईपी से संपर्क की सच्चाई सामने आ सके। ज्ञापन में अंकुर उपाध्याय, विजय परिहार, महेश कालाकोटी, प्रकाश बाघरी सहित कई कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं।

संघर्ष वाहिनी बागेश्वर ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित वीआईपी की भूमिका की सीबीआई जांच और सिक्किम के राज्यपाल को बर्खास्त करने की मांग की है।

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