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प्रदेश में 15 दिन में स्वीकृत होंगे भवनों के नक्शे

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आवास एवं शहरी विकास विभाग की बैठक में सीएम धामी ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम की प्रक्रियाओं को व्यावहारिक और सरलीकरण के साथ प्रभावी बनाया जाए. नगरीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा है, ताकि स्वच्छ और सुन्दर देवभूमि का संदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में जाए. सीएम ने आवास और शहरी विकास विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को जिलों में नगर निकाय से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपे जाने के लिए व्यवस्था बनाने के भी निर्देश दिए.

आवास एवं शहरी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम धामी ने कहा कि हर साल प्रदेश में लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में इन पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस किया जाए. साथ ही, विभाग की ओर से तैयार किये गये अल्प, मध्य और दीर्घकालिक रोड मैप के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएं, जिससे क्षेत्र में तय निवेश के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके.बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि छुट्टियों के समय में देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर और नैनीताल के शहरों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में इन क्षेत्रों में जाम से सैलानियों को निजात दिलाने के लिए पार्किंग स्थलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए. इसके अलावा, इन शहरों के लिये शटल वाहन सेवा के संचालन और पार्किंग स्थलों के विकास में प्राइवेट सहभागिता पर भी ध्यान दिया जाए. साथ ही इन शहरों में अच्छी सड़कों के साथ बिजली, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्थाओं के लिये योजना बनाकर ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है.

बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि छुट्टियों के समय में देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर और नैनीताल के शहरों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में इन क्षेत्रों में जाम से सैलानियों को निजात दिलाने के लिए पार्किंग स्थलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए. इसके अलावा, इन शहरों के लिये शटल वाहन सेवा के संचालन और पार्किंग स्थलों के विकास में प्राइवेट सहभागिता पर भी ध्यान दिया जाए. साथ ही इन शहरों में अच्छी सड़कों के साथ बिजली, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्थाओं के लिये योजना बनाकर ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है.

वहीं, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बताया कि आवास विभाग के तहत साल 2023-24 के लिये 8,793 करोड़ के निवेश और 23.65 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है. जबकि साल 2026-27 के लिये यह लक्ष्य 17,586 करोड़ रुपये निवेश और 47.30 लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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