लंबे इंतजार के बाद मिली डीएपी खाद, खत्म होने की चिंता के बीच किसानों ने बमुश्किल खरीदी खाद
गरुड़ (बागेश्वर)। कत्यूर घाटी में लंबे समय के इंतजार के बाद डीएपी खाद पहुंचते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। खाद खरीदने के लिए टीटबाजार स्थित विक्रय केंद्र पर किसानों को सड़क तक कतार लगानी पड़ी। लंबे समय से खाद का इंतजार कर रहे किसानों में इसे खरीदने की होड़ दिखी। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि खाद खत्म हो गई तो उन्हें दोबारा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, जिससे गेहूं की बोवाई भी प्रभावित होगी।
कत्यूर घाटी कृषि उत्पादन के लिहाज से जिले के प्रमुख क्षेत्रों में शुमार है। यहां धान और गेहूं की अच्छी पैदावार होती है। इन दिनों किसान धान की फसल समेटने के बाद गेहूं की बोवाई की तैयारियों में जुटे हैं। बोवाई के समय खेतों में डीएपी खाद की जरूरत होती है। ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध होना किसानों के लिए बेहद जरूरी है।
लंबे समय से खाद का इंतजार कर रहे किसानों को टीटबाजार स्थित विक्रय केंद्र में खाद पहुंचने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंच गए। भीड़ इतनी अधिक रही कि किसानों को सड़क तक लाइन लगानी पड़ी। अपनी बारी आने पर किसानों ने किसी तरह खाद खरीदी। किसानों का कहना है कि विक्रय केंद्र में बार-बार खाद खत्म हो जाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान गिरीश चंद्र, महेश चंद्र, तारा दत्त, मथुरा दत्त, पुष्पा देवी, कमला देवी, हेमा देवी और शांति देवी ने बताया कि खाद की उपलब्धता नियमित नहीं रहने से किसानों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्हें आशंका है कि खाद का स्टॉक समाप्त होने पर गेहूं की बोवाई के लिए फिर इंतजार करना पड़ेगा।
किसानों ने बताया कि इन दिनों वे खेतों में तैयार भट्ट, गहत और मांस की फसल समेटने में जुटे हैं। इसके तुरंत बाद गेहूं की बोवाई शुरू करनी है। ऐसे में डीएपी खाद की समय पर उपलब्धता जरूरी है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो। किसानों को उम्मीद है कि विक्रय केंद्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें बार-बार खाली हाथ न लौटना पड़े।







