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आर्थिक तंगी और कैंसर कि बीमारी के चलते काशीपुर में डॉ दम्पति ने कि आत्महत्या।

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आर्थिक तंगी और कैंसर की बीमारी से त्रस्त होकर पति पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है जिसमें लिखा है कि उनकी हत्या से संबंधित किसी को परेशान न किया जाए।

बता दें कि सैनिक कॉलोनी निवासी डॉक्टर इंद्रेश शर्मा पुत्र रामनाथ शर्मा तथा उनकी पत्नी वर्षा शर्मा आज प्रातः अपने घर के कमरे में मृत अवस्था में मिले जिसकी सूचना थाना आईटीआई पुलिस को 112 नंबर पर कॉल करके प्रदीप चौधरी ने दी।

सूचना पर थाना आईटीआई प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे जहां पर उन्होंने मौका मुआयना किया इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक काशीपुर को घटना की जानकारी दी सूचना पर पुलिस अधीक्षक अभय सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटना का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभय सिंह ने बताया कि डॉक्टर इंद्रेश शर्मा गिरीताल रोड स्थित एक निजी चिकित्सालय में सर्विस करते थे तथा उनकी पत्नी वर्षा शर्मा को कैंसर की बीमारी थी कैंसर की बीमारी का इलाज करते करते डॉक्टर इंद्रेश शर्मा ने भी अपनी पत्नी को कई बार ब्लड डोनेट किया था जिसके चलते वह भी बीमारी का शिकार हो गए थे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से पुलिस ने डॉक्टर इंद्रेश द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट बरामद किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनकी मृत्यु के संबंध में किसी को परेशान न किया जाए वह अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक के कमरे से नशीले इंजेक्शन पाए गए हैं जिससे प्रथम दृष्टि ता नशीले इंजेक्शन के सेवन से मृत्यु होना प्रतीत होता है उन्होंने बताया कि दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई का पता लग सकेगा। डॉ इंद्रेश शर्मा की एक बेटी जिसका नाम दिव्यांशी 21 वर्ष है तथा एक बेटा ईशान है जिसकी उम्र लगभग 10 वर्ष है बेटी दिव्यांशी की डॉक्टर इंद्रेश शर्मा के द्वारा जनवरी 2023 में जसपुर में विवाह कर दिया था । जानकारी यह भी प्राप्त हुई है कि डॉक्टर इंद्रेश शर्मा आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे जिसके चलते उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई भी हाई स्कूल में ही बंद कर दी थी और बेटे ईशान की पढ़ाई भी उन्होंने बंद करा दी थी। बेटा एहसान उनसे स्कूल में एडमिशन के लिए कहता था तो वह बच्चे को आश्वासन दे दिया करते थे कि अगली बार तुम्हारा एडमिशन स्कूल में जरूर करा दिया जाएगा। अचानक हुई हृदय विदारक घटना से 10 वर्षीय पुत्र का रो रो कर बुरा हाल है।

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