बागेश्वर। टनकपुर रेल लाइन की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर टनकपुर संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रेल आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का संचालन उपसचिव चरण सिंह बघरी ने किया। समिति ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र को रेल सेवा से जोड़ने की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक की शुरुआत में पिछली बैठकों की कार्यवाही की समीक्षा की गई और सर्वसम्मति से उसकी पुष्टि की गई। इसके बाद आगामी रेल आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को जोड़ने की पहल
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगली बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। साझा मंच के माध्यम से रेल आंदोलन की मजबूत रणनीति तैयार कर शासन-प्रशासन तक क्षेत्र की मांग प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाएगी। समिति का उद्देश्य आंदोलन को जनांदोलन का रूप देना और व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
इसके लिए छात्र संगठनों, व्यापार मंडलों, प्रधान संघ, पेंशनर संघ, पत्रकार संघ, वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता से संपर्क अभियान चलाया जाएगा। समिति के सदस्य विभिन्न संगठनों के प्रमुखों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें रेल संघर्ष में भागीदारी के लिए आमंत्रित करेंगे।
पोस्टर और हैंडबिल से लोगों को करेंगे जागरूक
रेल आंदोलन की मांग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पोस्टर और हैंडबिल घर-घर वितरित किए जाएंगे। साथ ही, मीडिया के विभिन्न मंचों के माध्यम से आंदोलन की रणनीति और रेल सेवा की आवश्यकता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। समिति ने दीपावली के तुरंत बाद विशेष बैठक आयोजित कर आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने का निर्णय भी लिया।
प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
बैठक में क्षेत्र की लंबित रेल मांग को लेकर निर्णायक संघर्ष का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे केंद्रीय रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को प्रतिलिपि के साथ भेजा जाएगा। समिति का मानना है कि विभिन्न संगठनों और आम जनता की भागीदारी से रेल आंदोलन को मजबूती मिलेगी और लंबे समय से उठ रही मांग को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जा सकेगा।
बैठक के अंत में समिति के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र को रेल सेवा से जोड़ने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में समिति के कई पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।







