“सुनो, बिना हेलमेट वाले लड़के”
लेखक: राजकुमार सिंह परिहारबागेश्वर (उत्तराखंड) तुम्हारी आवाज़ तुम्हारी उम्र से मेल नही खाती। वो लरजती है किसी अठ्ठारह साल से कम के लड़के सी, उसमें अब भी लड़कपन का कच्चापन है। जब ज्यादा देर तक बोलते हो तो वो बैठने लगती है। ये जो जब तुम हंसते हो न खिल खिलाकर तुम्हारे दाँतों की ये … Read more

