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उत्तरायणी मेले की व्यवस्थाएं पूरी तरह से उतरी पटरी से : भगवत सिंह डसीला

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उत्तरायणी मेले की व्यवस्था पर कांग्रेस ने वायरस ग्रुप को मेले का ठेका दिए जाने पर जताई नाराजगी

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला ने उत्तरायणी मेले की व्यवस्था पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा की स्थानीय नगारिकों और कलाकारों का मान तक नहीं रखा जा रहा है। एक वायरस ग्रुफ को पूरे मेले का ठेका दे दिया है। जिससे स्थानीय लोग आहत हैं। यह परंपरा ठीक नहीं है। इसके विरुद्ध कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला प्रशासन उत्तरायणी मेला का रहा है। जिसमें स्थानीय लोगों की भारी उपेक्षा की जा रही है। पहले भी प्रशासकों ने मेला कराया है। लेकिन यह मेला पूरी तरह अव्यवस्थाओं के शिकार हो गया है। एक वायरस नामक संस्था को मेले का ठेका दे गया है। वह पूरे मेले में वायरस फैला रहा है। उसके पास ठीक ढंग का एंकर तक नहीं है। सूचना विभाग में पंजीकृत कलाकारों को स्थान नहीं मिल सका है। परंपराओं की मजाक बना दी है। मेले में ठेका प्रथा उचित नहीं थी। मेले की बैठकों के दौरान विपक्ष को कुर्सी तक नहीं मिली। वह अपनी बात नहीं रख सके। धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। झूला पुल एक वर्ष से बंद किया है। दंगल कराया जा रहा है। जबकि यह पहाड़ की संस्कृति में कहीं भी नहीं है। जबकि रस्साकसी, वालीबाल, कबड्डी आदि प्रतियोगिताएं होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस सूचना अधिकारी मांगेगी और आंदोलन करेगी। इस दौरान गोपाल राम टम्टा, ललित गोस्वामी, कुंदन गिरी आदि उपस्थित थे।

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