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एंगलरो को खूब भाया चम्पावत का सीमांत गांव चूका, राष्ट्रीय एंगलिंग मीट का हुआ आयोजन

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  • राष्ट्रीय एंगलिंग मीट कार्यक्रम में पहुचे 19 एंगलर
  • एंगलरो ने उत्तराखंड सरकार व प्रशासन को खूब सराहा
  • प्रथम बीट में पकड़ी 3kg की महाशीर।
  • चम्पावत। जिले के नेपाल सीमा से लगे गांव में बुधवार को जिला प्रसाशन द्वारा दो दिवसीय एंगलिंग मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका हिस्सा बनने पहुचे 19 राष्ट्रीय एंगलर। सूबे के मुख्यमंत्री व विधानसभा के विधायक बतौर पुष्कर सिंह धामी ने इस क्षेत्र में राफ्टिंग कर इसे बढ़ावे की बात कही थी वही आज इस सीमावर्ती क्षेत्र में प्रथम बार पर्यटन विभाग द्वारा 3 दिवसीय एंगलिंग मीट व राष्ट्रीय स्तरीय राफ्टिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भारतवर्ष से विभिन्न दलों ने प्रतिभाग किया। अपने प्राकर्तिक सौन्दर्य से पर्यटन की अपार संभावना रखने वाला यह सीमावर्ती क्षेत्र अब स्पोर्ट्स इवेंट के लिए जल्द ही मसहूर होगा जिसके चलते कई वर्षों से उजड़ रहे चूका गांव में फिर रौनक बढ़ने लगेंगी। इस कार्यक्रम में जहाँ पर्यटकों ने क्षेत्र की रौनक बढ़ाई वही क्षेत्र की महिला समूह ने मत्स्य विभाग द्वारा दिये गए कार्य के चलते 2 दिन में तकरीबन 20 हज़ार का कार्य किया। जिसमे पर्यटकों को अनुमति हेतु भारतीय एंगलर 500₹ व विदेशी एंगलर को 600₹ के शुल्क जमा करे गए।
    मूल रूप से राजस्थान के निवासी अनंत क्रिसन ने बताया कि वह 2011 से इस क्षेत्र में एंगलिंग के लिए आया करते थे पर सड़क न होने व बिजली पानी ना होने से उन्हें यहां पहुचने में 4-5 दिनों तक पैदल ट्रैक करना पड़ता था पर अब सरकार के पहल से यहाँ सड़क पहुच गई है जिससे उन्हें यहाँ पहुचने में सहूलियत हो गई है। अनंत के अनुसार जिस प्राकर्तिक सौन्दर्य व शांति इस गांव में 2011 में उन्हें यहाँ का दीवाना बनाया था वही शांति अब बजी उन्हें यह मिलती है।
    एंगलिंग इवेंट के प्रथम बीट में यूपी से आये प्रतीक सिंह ने 3kg की महाशीर पकड़ उसे वापिस छोड़ दिया।
  • राजिस्थान से आये एंगलर सुमित एडविन ने बताया कि वह उत्तराखंड इस कार्यक्रम में प्रथम बार आये है वही उन्होंने उत्तराखंड सरकार व जिला प्रशासन का इस कार्यक्रम के लिए धन्यवाद किया
    अल्मोड़ा के कसार देवी से पहुचे मोहन ने पानी मे तेज बहाव के कारण एंगलिंग में आने वाली दिक्कतों के साथ एंगलिंग इवेंट के फायदे गिनवाए। मोहन का कहना है कि फिशिंग व एंगलिंग में अंतर समझने के लिए लोगो को इसके प्रति जागरूक करना जरूरी है। –
  • महिपाल सिंह बिष्ट ने बताया की एंगलिंग मे मछलियों की प्रजाति पहचान व उनके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने की भूमिका निभाती हैं। सरकार ने इस एंगलिंग इवेंट को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करना चाहिए ताकि यह पर भी इंटरनेशनल लेवल पर इस क्षेत्र को बढ़ावा मिले –
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