logo

अपर सचिव वीरेंद्र पाल ने प्रतिदिन एक घंटा जनता की समस्याओं को सुनने के अधिकारियों को दिए निर्देश

खबर शेयर करें -

प्रदेश के अपर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग वीरेन्द्र पाल सिंह ने अधिकारियों को प्रतिदिन अपने कार्यालय में एक घंटा जनता की समस्याओं को सुनने के लिए निर्धारित करने के निर्देश दिए। विकास कार्यो में गुणवत्ता व तय समयसीमा के भीतर कार्यो को पूर्ण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से स्वंय गांव में जाकर जन समस्याओं को सुनने व विकास कार्यो का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने सीएम हैल्प लाइन की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। विकास भवन सभागार में जनपद के अधिकारियों की बैठक लेते हुए अपर सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के निदान के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करके उनकी समस्याओं को समझें व विकास कार्यों का निरीक्षण करें। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी से प्रति दिन अपने कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनने को कहा व उनका निराकरण करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग योजना को तैयार करते समय भूमि संबंधी प्रकरणों को अच्छी तरह से देख ले, ताकि योजना को स्वीकृत कराने में किसी प्रकार की तकनीकि दिक्कत न हो। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ठेकेदार को भुगतान से पूर्व इस आशय का प्रमाण पत्र ले कि उसके द्वारा मांग के अनुसार परिवारों तक पेयजल कनेक्शन दे दिया गया है। तथा इस प्रमाण पत्र को मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अन्य विकास कार्यो की उपयोगिता प्रमाण पत्र भी संबंधित अधिकारी को देने के निर्देश दिए। यदि विकास कार्य संपादित काराने में किसी तकनीकि विशेषज्ञ की आवश्यकता हो तो संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में मांग की जा सकती है। अपर सचिव ने निर्देश दिए कि स्वरोजगार को बढावा देने के लिए चलायी जा रही योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाय तथा बैंकों व विभागों में आपसी तालमेल के साथ कार्य किया जाय। साथ ही स्वरोजगार के लिए किए गए आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करें तथा शिक्षण संस्थानों में रोजगार संबंधी प्रशिक्षण आयोजित कराने को कहा। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि महिलाओं को दिए जाने वाले पोषण सामाग्री में किसी प्रकार बढोत्तरी की आवश्कता होती है, तो वह स्वास्थ विभाग से परामर्श लेकर संबंधित को प्रस्ताव भेजे। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसी योजना बनायें जिससे पलायन को रोका जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए विभिन्न येाजनाओ में मिली धनराशि का जानकारी अपर सचिव को दी। साथ ही आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर जनता के हित में गंभीरता से कार्य किया जायेगा। बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 आर चन्द्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, महाप्रंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, समाज कल्याण अधिकारी हेम तिवारी, युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत, अधि0अभि0 सिंचाई केके जोशी, पीएस बिष्ट, लोनिवि राजकुमार, जल निगम वीके रवि, जल संस्थान सीएस देवडी, जिला पर्यटन अधिकरी पीके गौतम समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
Share on whatsapp